शिक्षा मंत्रालय की कमान मिलने के बाद प्रह्लाद जोशी की पहली प्रतिक्रिया, जानिए नए शिक्षा मंत्री ने क्या कहा

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी संभालने वाले प्रल्हाद जोशी ने प्रधानमंत्री मोदी का आभार जताया. उन्होंने कहा कि वह पूरी निष्ठा से जिम्मेदारी निभाते हुए प्रधानमंत्री की उम्मीदों पर खरा उतरेंगे.

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शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी मिलने के बाद प्रह्लाद जोशी की पहली प्रतिक्रिया आई है . (File Photo) शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी मिलने के बाद प्रह्लाद जोशी की पहली प्रतिक्रिया आई है . (File Photo)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 25 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 11:21 PM IST

नीट-यूजी विवाद के बीच धर्मेंद्र प्रधान के केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई है. नई जिम्मेदारी मिलने के बाद प्रल्हाद जोशी की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि वह पूरी निष्ठा के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे और प्रधानमंत्री की उम्मीदों पर खरा उतरने की कोशिश करेंगे.

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प्रह्लाद जोशी ने कहा कि 'मैं इस जिम्मेदारी को कर्तव्य और विनम्रता के भाव के साथ स्वीकार करता हूं. मैं प्रधानमंत्री का आभारी हूं. मुझे जो जिम्मेदारी दी गई है, मैं प्रधानमंत्री की उम्मीदों पर खरा उतरने की पूरी कोशिश करूंगा.'

उन्होंने मोदी सरकार के पिछले 12 वर्षों के कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि इस दौरान देश में कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की गई हैं. जोशी ने पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल की भी तारीफ की. उन्होंने कहा कि पिछले चार-पांच वर्षों में धर्मेंद्र प्रधान ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने के साथ कई महत्वपूर्ण पहल कीं और नई शिक्षा व्यवस्था में देश ने महत्वपूर्ण प्रगति की है. प्रल्हाद जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में वह अपनी क्षमता के अनुसार बेहतर काम करने की कोशिश करेंगे और पूरी निष्ठा के साथ शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारियों को निभाएंगे.

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प्रल्हाद जोशी बीजेपी के बड़े चेहरे

प्रह्लाद जोशी लंबे समय से कर्नाटक की राजनीति में सक्रिय हैं. वह 2004 से धारवाड़ लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. पहली बार 2004 में उन्होंने इस सीट से लोकसभा चुनाव लड़ा और कांग्रेस के बीएस पाटिल को हराकर संसद पहुंचे. इसके बाद उन्होंने लगातार अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत की. वह 2014 से 2016 तक कर्नाटक बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं.

जोशी का राजनीतिक सफर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से भी जुड़ा रहा है. 1992 से 1994 के बीच हुबली के ईदगाह मैदान में तिरंगा फहराने को लेकर हुए आंदोलन के बाद वह चर्चा में आए थे. अपने शुरुआती राजनीतिक दौर में उन्होंने 'कश्मीर बचाओ आंदोलन' का भी नेतृत्व किया था.

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