पश्चिम बंगाल के पश्चिम बर्धमान जिले के अंडाल में बुधवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने कांग्रेस नेता और कारोबारी दिलीप तुरी के घर पर छापा मारा. ED की टीम सुबह करीब 6 बजे CL जामबाद इलाके में उनके घर पहुंची. जांच टीम के साथ केंद्रीय सुरक्षा बलों के जवान भी मौजूद थे. छापेमारी की खबर फैलते ही इलाके में हलचल मच गई. स्थानीय लोग घर के बाहर जमा होने लगे.
ED की टीम ने दिलीप तुरी के घर में तलाशी शुरू की और वहां मौजूद दस्तावेजों और दूसरे सामान की जांच की. घर के बाहर कई गाड़ियां और सुरक्षा जवान तैनात रहे. हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं है कि ED किस मामले की जांच के सिलसिले में यहां पहुंची है और तलाशी के दौरान क्या-क्या मिला है.
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ECL की कोलियरी सर्विस और टेंडर से जुड़े कारोबार पर नजर
दिलीप तुरी स्थानीय कांग्रेस संगठन से जुड़े बताए जाते हैं और एक NGO से भी उनका जुड़ाव बताया गया है. स्थानीय जानकारी के मुताबिक, वह ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड यानी ECL की अलग-अलग कोलियरियों और ओपन-कास्ट माइंस में एंबुलेंस और दूसरी चार पहिया गाड़ियां चलाने के कारोबार से भी जुड़े हैं.
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, झारखंड से एंबुलेंस लाकर ECL के अलग-अलग इलाकों में टेंडर के जरिए सर्विस में लगाया जाता था. हालांकि, इन कारोबारी गतिविधियों और ED की मौजूदा जांच के बीच क्या संबंध है, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच
छापेमारी के दौरान ED अधिकारियों ने घर में दस्तावेजों और दूसरे सामान की जांच की. टीम के साथ केंद्रीय सुरक्षा बलों, जिसमें CRPF के जवान भी शामिल थे, की तैनाती की गई थी. हालांकि, जांच के दौरान कौन से दस्तावेज देखे गए, क्या कोई सामान जब्त किया गया या दिलीप तुरी से पूछताछ हुई या नहीं, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है.
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ED ने नहीं बताया कार्रवाई का कारण
फिलहाल ED की तरफ से इस कार्रवाई को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है. यह भी साफ नहीं है कि तलाशी किसी खास वित्तीय जांच, मनी लॉन्ड्रिंग मामले या किसी दूसरी जांच से जुड़ी है. छापेमारी के बाद कार्रवाई का नतीजा भी सामने नहीं आया है.
अनिल गिरी