अयोध्या में 'श्रीराम यंत्र' की स्थापना, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू रहेंगी मौजूद, विदेश से भी आए मेहमान

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में शुभ अभिजीत मुहूर्त पर श्रीराम यंत्र की स्थापना करेंगी. इस समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और राम मंदिर ट्रस्ट के प्रमुख सदस्य मौजूद रहेंगे.

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इस कार्यक्रम में 7000 मेहमान आएंगे. (Photo: Reuters/PTI) इस कार्यक्रम में 7000 मेहमान आएंगे. (Photo: Reuters/PTI)

समर्थ श्रीवास्तव

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  • 19 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 10:53 AM IST


राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू हिंदू नववर्ष पर आज श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में एक कार्यक्रम में शामिल होंगी. द्रौपदी मुर्मू मंदिर में शुभ अभिजीत मुहूर्त (सुबह 11:55 बजे) में श्रीराम यंत्र की स्थापना और पूजा करेंगी. इस खास समारोह में करीब सात हजार मेहमान शिरकत करेंगे.

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सुबह 11 बजे महर्षि वाल्मीकि इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहुंचेंगी और वहां से सीधा मंदिर परिसर जाएंगी. उनका अयोध्या दौरा लगभग चार घंटे का रहेगा. इस कार्यक्रम में तुर्की, इटली, अमेरिका आदि जगहों से भी लोग पहुंचेंगे. द्रौपदी मुर्मू उन्हें आज सम्मानित करेंगी.

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समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और राम मंदिर ट्रस्ट के कई प्रमुख सदस्य भी मोजूद रहेंगे. कार्यक्रम के चलते शहर में शाम पांच बजे तक भारी वाहनों की एंट्री पर रोक रहेगी.

राम मंदिर में श्रीराम यंत्र की स्थापना सिर्फ एक धार्मिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक नए आध्यात्मिक युग की शुरुआत है. इस अनुष्ठान के साथ राम मंदिर की आस्था अब एक सशक्त ऊर्जा केंद्र के तौर पर जानी जाएगी. इसमें राष्ट्रपति की मौजूदगी ने आयोजन की अहमियत भी बढ़ाई है.

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज राम मंदिर के दूसरे फ्लोर पर श्रीराम यंत्र की स्थापना करेंगी. लगभग 150 किलोग्राम के स्वर्णमंडित इस यंत्र की स्थापना के लिए पिछले कई दिनों से अलग-अलग धार्मिक आयोजन हो रहे हैं. यंत्र की स्थापना को लेकर श्रद्धालुओं, संत-महंतों और धर्माचार्यों में बहुत उत्साह है. 

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श्रीराम यंत्र स्थापना के बाद राष्ट्रपति मुर्मू राम परिवार का दर्शन-पूजन करेंगी. फिर महर्षि वाल्मीकि, माता शबरी और निषादराज मंदिर में भी दर्शन करेंगी, जिसे भी वर्गों के सम्मान के संदेश के तौर पर देखा जा रहा है. राष्ट्रपति निर्माण में लगे श्रमिकों से भी बातचीत कर सकती हैं.

यह भी पढ़ें: Shri Ram Yantra: राम मंदिर में कल स्थापित होगा 'श्री राम यंत्र', ज्योतिषविद ने बताए इसके फायदे

धार्मिक विशेषज्ञों के मुताबिक श्रीराम यंत्र भगवान श्रीराम की मर्यादा, धर्म और शक्ति का प्रतीक है. इसकी स्थापना से मंदिर परिसर में सकारात्मक ऊर्जा आएगी, जिससे यहां आने वाले श्रद्धालुओं को मानसिक शांति और आध्यात्मिक संतुलन की अनुभूति होगी. ये श्रद्धालुओं के दिलो-दिमाग पर एक अलग तरह का असर डालेगा.

आस्था के साथ ऊर्जा का केंद्र बनेगा राम मंदिर

अब तक देश-दुनिया के श्रद्धालुओं के लिए राम मंदिर आस्था का केंद्र रहा है, लेकिन श्रीराम यंत्र की स्थापना के बाद इसे आध्यात्मिक ऊर्जा के केंद्र के रूप में भी देखा जाएगा. माना जाता है कि यंत्र दिव्य शक्तियों को आकर्षित करके वातावरण को शुद्ध और सकारात्मक बनाते हैं. यंत्र स्थापना की परंपरा प्राचीन वैदिक और तांत्रिक विधाओं से जुड़ी है. इसमें विशेष ज्यामितीय संरचना वाले यंत्र को मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ स्थापित किया जाता है.

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