'दिमागी नक्सल' बयान पर सियासत तेज हो गई है. कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम के 'मुझे दिमागी नक्सल होने पर गर्व' वाले बयान पर बीजेपी आक्रमक है. रविशंकर प्रसाद और सुधांशु त्रिवेदी के बाद अब असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा भी चिदंबरम के इस बयान को लेकर उनपर निशाना साध रहे हैं.
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कांग्रेस नेता और पूर्व गृह मंत्री पी. चिदंबरम पर निशाना साधा है. उनका कहना है कि चिदंबरम 'दिमागी नक्सल' नहीं बल्कि 'प्योर नक्सल' हैं.
हिमंता ने सवाल किया है कि अब जब देश के गृह मंत्री रह चुके पी. चिदंबरम खुद को 'दिमागी नक्सल' कह रहे हैं, तो क्या उन्होंने जानबूझकर अपने कार्यकाल में नक्सलवाद को खत्म करने के लिए जांच नहीं की. हिमंता का कहना है कि इस बारे में गहनता से जांच होनी चाहिए.
हिमंता ने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि एक समय ऐसा था कि किसी ने कल्पना तक नहीं थी कि देश नक्सलवाद से मुक्त होगा. लेकिन पीएम मोदी की सरकार ने यह करके दिखाया. उनका कहना है कि पीएम मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में देश में जो शांतिपूर्ण माहौल बना है, उससे कांग्रेस असहज है. हिमंता ने दावा किया है कि कांग्रेस देश में अराजकता का माहौल चाहती है और इसी के सहारे वे 2029 में सत्ता में वापस आना चाहते हैं.
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बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने भी कांग्रेस नेता और पूर्व गृह मंत्री पी चिदंबरम के बयान पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि बीते दिन चिदंबरम ने दिमागी नक्सल होने पर गर्व जताया. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि हैरानी की बात है कि पीएम के बयान के तुरंत बाद यह सामने आ गया कि किसके दिमाग में नक्सल बैठा है और उन्हें इस पर गर्व भी है.
उन्होंने चिदंबरम पर तंज कसते हुए कहा कि एक तरफ, मोदी सरकार ने नक्सलवाद को खत्म किया तो वहीं दूसरी तरफ पूर्व गृह मंत्री को दिमागी नक्सल होने पर गर्व है.
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