मोदी कैबिनेट में बदलाव की अटकलें, अमित शाह से मिलेंगे फडणवीस, क्या श्रीकांत शिंदे को मिलेगा मौका?

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद दिल्ली में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. देवेंद्र फडणवीस अमित शाह से मुलाकात करेंगे. इस बैठक को केंद्रीय मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल से जोड़कर देखा जा रहा है. चर्चा है कि शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे को केंद्र में जगह मिल सकती है.

Advertisement
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद दिल्ली पहुंचे देवेंद्र फडणवीस. (Photo: ITG) धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद दिल्ली पहुंचे देवेंद्र फडणवीस. (Photo: ITG)

ऋत्विक भालेकर

  • मुंबई,
  • 25 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 4:15 PM IST

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद दिल्ली का सियासी माहौल अचानक गर्म हो गया है. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस दिल्ली पहुंच रहे हैं, जहां उनकी मुलाकात गृहमंत्री अमित शाह से होगी. इस बैठक को केंद्रीय मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल से जोड़कर देखा जा रहा है. चर्चा है कि शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे को केंद्र सरकार में जगह मिल सकती है. हालांकि, इस पर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है.

Advertisement

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा देने के बाद देवेंद्र फडणवीस दिल्ली रवाना हो गए. राजधानी में उनकी अमित शाह के साथ बैठक तय है. इस मुलाकात ने केंद्रीय मंत्रिमंडल में बदलाव की चर्चाओं को और तेज कर दिया है.

सूत्रों के मुताबिक, बैठक में मंत्रिमंडल के संभावित फेरबदल पर चर्चा हो सकती है. इसी दौरान शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे के नाम पर भी विचार होने की बात सामने आ रही है. माना जा रहा है कि उन्हें केंद्र सरकार में जिम्मेदारी मिल सकती है. हालांकि, सरकार की तरफ से अब तक इसकी पुष्टि नहीं की गई है.

धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा क्यों दिया?

धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया पर इस्तीफे की जानकारी देते हुए इसकी वजह भी बताई. उन्होंने कहा कि पिछले चार दशक से वह छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए काम करते रहे हैं. उनका मानना है कि मजबूत और सबको साथ लेकर चलने वाली शिक्षा व्यवस्था ही देश के विकास की असली नींव है.

Advertisement

उन्होंने लिखा कि 3 मई 2026 को हुई NEET-UG परीक्षा में अनियमितताओं की शिकायत मिलते ही सरकार ने तुरंत कदम उठाए. मामले की जांच CBI को सौंपी गई. परीक्षा रद्द कर दोबारा कराने का फैसला लिया गया. साथ ही अगले साल से NEET को पूरी तरह कंप्यूटर आधारित (CBT) मोड में कराने की घोषणा भी की गई.

'युवाओं का भविष्य सबसे पहले'

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि 20 लाख से ज्यादा छात्रों की निष्पक्ष परीक्षा कराना उनकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी थी. केंद्र सरकार, राज्य सरकारों, जिला प्रशासन, छात्रों और अभिभावकों के सहयोग से 21 जून 2026 को दोबारा परीक्षा सफलतापूर्वक कराई गई. 16 जुलाई को आए नतीजों में कई गरीब और वंचित परिवारों के छात्रों ने सफलता हासिल की.

अपने इस्तीफे पर उन्होंने लिखा कि पिछले 10 दिनों की घटनाओं ने उन्हें गहराई से आहत किया. यह किसी व्यक्तिगत सम्मान का सवाल नहीं, बल्कि देश के युवाओं के भविष्य का मामला है. वह नहीं चाहते कि छात्रों का भविष्य कानूनी विवाद या राजनीतिक टकराव में उलझे. इसी सोच के साथ उन्होंने पद छोड़ने का फैसला लिया.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »