दिपके, सौरभ और रांका पर दर्ज हुई FIR... डीपफेक फोटो विवाद पर दिल्ली HC में आज होगी अर्जेंट सुनवाई

दिल्ली हाईकोर्ट ने पीएम मोदी की कथित डीपफेक तस्वीरों से जुड़े मामले में आज सुनवाई करने पर सहमति दी है. एक 25 साल की महिला ने याचिका दाखिल कर सीजेपी कार्यकर्ताओं सौरव दास, अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका और रत्ना सिंह पर आरोप लगाया है कि उन्होंने उसकी तस्वीरों से छेड़छाड़ कर अश्लील डीपफेक तस्वीरें बनाईं और फैलाईं.

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डीपफेक तस्वीर पर दिल्ली HC में सुनवाई (Photo: PTI) डीपफेक तस्वीर पर दिल्ली HC में सुनवाई (Photo: PTI)

अनीषा माथुर

  • नई दिल्ली,
  • 25 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 12:04 PM IST

दिल्ली हाईकोर्ट ने पीएम नरेंद्र मोदी के साथ कथित रूप से डीपफेक तस्वीरें बनाने और फैलाने के मामले में एक याचिका पर आज सुनवाई करने पर सहमति दे दी है. यह याचिका एक 25 साल की महिला ने दाखिल की है, जिसमें उसने दावा किया है कि सीजेपी संगठन से जुड़े कार्यकर्ताओं ने उसकी तस्वीरों के साथ छेड़छाड़ करके एआई से बनी आपत्तिजनक तस्वीरें फैलाई हैं. कोर्ट ने कहा है कि इस मामले की सुनवाई आज दोपहर के बाद हो सकती है.

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महिला ने अपनी याचिका में सीजेपी के चार कार्यकर्ताओं सौरव दास, अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका और रत्ना सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं. महिला का कहना है कि इन लोगों ने उसकी निजी तस्वीरों को एआई तकनीक से बदलकर पीएम मोदी के साथ एक सेक्सुअली एक्सप्लिसिट यानी अश्लील डीपफेक तस्वीर तैयार की और उसे सार्वजनिक रूप से फैलाया. याचिका में यह भी कहा गया है कि इस तस्वीर का इस्तेमाल जुलाई महीने में हुए सीजेपी के विरोध प्रदर्शनों के दौरान किया गया था.

डीपफेक तस्वीर उस फोटो को कहते हैं जिसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई की मदद से इस तरह बनाया जाता है कि वह असली जैसी दिखे, जबकि असल में वह पूरी तरह से मॉर्फ की गई या बदली गई होती है. 

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महिला के मुताबिक इस पूरी घटना की वजह से उसे बहुत मानसिक पीड़ा और लक्षित उत्पीड़न झेलना पड़ा है. इस मामले में दिल्ली पुलिस के साइबर सेल में एफआईआर नंबर 22/2026 पहले ही दर्ज की जा चुकी है. 

यह एफआईआर 24 सितंबर को दर्ज की गई थी. महिला की याचिका में आरोप लगाया गया है कि एफआईआर दर्ज होने के बावजूद प्रशासनिक ढिलाई के चलते ना तो मुख्य आरोपियों यानी रिस्पॉन्डेंट नंबर 2 से 5 को गिरफ्तार किया गया है और ना ही मेटा प्लेटफॉर्म्स इंक को इन तस्वीरों को इंटरनेट से हटाने के लिए कोई प्रभावी कानूनी नोटिस भेजा गया है.

इसी वजह से महिला ने अब हाईकोर्ट का रुख किया है और तुरंत प्रभाव से इन तस्वीरों को हटाने की मांग की है. दिल्ली हाईकोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आज ही सुनवाई करने का फैसला लिया है.

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