बिहार तक हुआ दिल्ली कोचिंग हादसे का असर, पटना में संस्थानों की जांच के लिए DM ने दिया निर्देश

पटना जिलाधिकारी डॉ चंद्रशेखर सिंह ने अपने आदेश में कहा है कि 15 दिनों के अंदर जांच टीम को हर अनुमंडल में चल रहे कोचिंग संस्थानों को लेकर विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपना है.

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पटना में कोचिंग संस्थानों की जांच के निर्देश (फाइल फोटो) पटना में कोचिंग संस्थानों की जांच के निर्देश (फाइल फोटो)

रोहित कुमार सिंह

  • पटना,
  • 30 जुलाई 2024,
  • अपडेटेड 11:30 AM IST

दिल्ली (Delhi) के राजेंद्र नगर में कोचिंग संस्थान के बेसमेंट में पानी भरने से हुए हादसे में तीन UPSC अभ्यर्थियों के मौत के बाद अब बिहार में भी इसका असर देखने को मिला है. राजधानी पटना में चलने वाले कोचिंग संस्थानों में जांच के लिए आदेश जारी किया गया है. जिलाधिकारी डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने सोमवार को पटना में चल रहे सभी कोचिंग संस्थानों की जांच का निर्देश जारी किया है और इसके लिए उन्होंने जिले में अनुमंडलवार 6 सदस्यों की टीम का गठन भी कर दिया है.

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हर अनुमंडल के लिए जांच टीम का गठन किया गया है, जिसके अध्यक्ष अनुमंडल पदाधिकारी होंगे. उनकी टीम में अग्निशमन पदाधिकारी, नगर कार्यपालक पदाधिकारी, अंचल अधिकारी, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी और संबंधित थाना के अध्यक्ष होंगे.

15 दिन सौंपनी होगी रिपोर्ट

पटना जिलाधिकारी डॉ चंद्रशेखर सिंह ने अपने आदेश में कहा है कि 15 दिनों के अंदर जांच टीम को हर अनुमंडल में चल रहे कोचिंग संस्थानों को लेकर विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपना है.

बता दें कि जिन पहलुओं पर जांच टीम को अपनी रिपोर्ट सौंपनी है, उसमें कोचिंग संस्थानों के सुरक्षा मानकों के अनुपालन की स्थिति, बिल्डिंग बाय लॉस का अनुपालन, फायर एग्जिट की व्यवस्था, कोचिंग संस्थानों में प्रवेश और निकास के लिए की गई पर्याप्त व्यवस्था और आकस्मिक स्थिति से निपटने की व्यवस्था शामिल है.

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दिल्ली की कोचिंग में क्या हुआ था?

दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर में राव आईएएस (Rau's IAS) कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में शनिवार शाम को बारिश के बाद पानी भरने से हादसा हो गया. इस दौरान कोचिंग में पढ़ने वाले तीन स्टूडेंट्स की मौत हो गई थी. 

आखिर कोचिंग के बेसमेंट में कैसे भरा पानी?

मामले में सवाल उठता है कि कोचिंग में इतना पानी कैसे भर गया, जो छात्रों के डूबने जैसी हालत बन गई. इसे लेकर चश्मदीदों ने हैरान करने वाली बातें बताई हैं. चश्मदीद छात्र के मुताबिक, बेसमेंट में बनी लाइब्रेरी में करीब 30-35 स्टूडेंट्स मौजूद थे. शाम 7 बजे लाइब्रेरी बंद होने पर जैसे ही हम बाहर निकले, तो सामने से बहुत तेज प्रेशर से पानी आ रहा था. जब तक हम लोग लाइब्रेरी खाली करते, तब तक घुटनों तक पानी भर चुका था.

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सिर्फ 2 से तीन मिनट में छत तक हो गया जलभराव

बहाव इतना तेज था कि हम सीढ़ियां नहीं चढ़ पा रहे थे. 2-3 मिनट के अंदर पूरे बेसमेंट में 10-12 फुट पानी भर गया. वहां से निकलने के लिए रस्सियां फेंकी गईं, लेकिन पानी इतना गंदा था कि कुछ भी नहीं दिख रहा था. वहां से एक-एक कर बच्चे निकाले जा रहे थे. छात्र ने कहा कि मेरे पीछे 2 लड़कियां और थीं. जो निकल नहीं पाईं.  

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