दिल्ली में 'विद्या वाहिनी योजना' की शुरुआत, सीएम रेखा गुप्ता ने 200 छात्राओं को बांटी साइकिलें

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विद्या वाहिनी योजना की शुरुआत कर सोमवार को विधानसभा परिसर में सरकारी स्कूलों की नवी कक्षा की 200 छात्राओं को साइकिलें बांटी. सरकार की इस पहल का उद्देश्य छात्राओं के लिए स्कूल आने-जाने की राह आसान बनाना और उनकी शिक्षा को निरंतर बनाए रखना है.

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रेखा गुप्ता ने छात्राओं को बांटी साइकिल.  (Photo: X/@CMODelhi) रेखा गुप्ता ने छात्राओं को बांटी साइकिल. (Photo: X/@CMODelhi)

सुशांत मेहरा

  • नई दिल्ली,
  • 11 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 12:58 AM IST

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को विधानसभा परिसर में 'विद्या वाहिनी योजना' के तहत सरकारी स्कूलों की 9वीं क्लास की छात्राओं को 200 साइकिलें बांटीं.

दिल्ली मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) ने कहा कि इस पहल का मकसद छात्राओं के लिए स्कूल आना-जाना आसान बनाना, उनकी पढ़ाई जारी रखने में मदद करना और उनमें आत्मविश्वास व आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना है.

छात्राओं से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि साइकिलें सिर्फ आने-जाने का साधन नहीं हैं, बल्कि छात्राओं की शिक्षा में मदद करने और उनके सपनों को पूरा करने का एक जरिया भी हैं. उन्होंने बताया कि इस साल योजना के तहत 9वीं क्लास की लगभग 1.40 लाख छात्राओं को साइकिलें दी जा रही हैं.

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लड़कियों की शिक्षा में निवेश

गुप्ता ने कहा, 'छात्राओं की शिक्षा में निवेश करना समाज के उज्ज्वल भविष्य में निवेश करना है.' एक बयान में दिल्ली CMO ने कहा कि 'विद्या वाहिनी योजना' सरकार के उस बड़े विजन को दिखाती है, जिसका मकसद छात्राओं की शिक्षा में रोजाना आने वाली रुकावटों को दूर करना, स्कूलों तक पहुंच बेहतर बनाना और युवा छात्राओं को ज्यादा आत्मविश्वास और आजादी के साथ अपनी पढ़ाई जारी रखने में सक्षम बनाना है.

3200 से ज्यादा बेटियां बनी योजना का हिस्सा

गुप्ता ने अपनी एक्स पोस्ट में कहा, 'एक अभिभावक के तौर पर बेटी को आत्मविश्वास के साथ साइकिल चलाते और अपने सपनों के करीब बढ़ते देखना एक खास खुशी देता है. आज 'विद्या वाहिनी' परिवार में 3,200 से ज्यादा बेटियां शामिल हैं और हमारा सपना है कि ये संख्या बढ़कर पूरी दिल्ली में 1.40 लाख बेटियों तक पहुंचे. हर बेटी और आगे बढ़े, बड़े सपने देखे और और ज्यादा चमके. उनके सपने ही दिल्ली के सपने हैं.'

इस अवसर पर शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि ये पहल प्रतिभाशाली छात्राओं को आत्मनिर्भर बनने और अपनी आकांक्षाओं को पूरा करने में मदद करने की दिशा में एक अहम कदम है.

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