कांग्रेस ने बीजेपी पर विपक्षी पार्टियों को तोड़ने का आरोप लगाया है. AITC के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर चुनाव आयोग के फैसले पर कांग्रेस के हमले के बाद अब बीजेपी ने पलटवार किया है. केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस पर ही पार्टियों को तोड़ने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस खुद ‘भस्मासुर’ है, जो उसके संपर्क में आने वाली हर पार्टी को भस्म कर देती है.
कांग्रेस ने चुनाव आयोग के उस अंतरिम आदेश की आलोचना की थी, जिसमें पश्चिम बंगाल के उपचुनावों के दौरान AITC के नाम और ‘फूल और घास’ चुनाव चिह्न के इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई थी. कांग्रेस ने इसे चुनाव आयोग की संवैधानिक जिम्मेदारी से पीछे हटना बताया था. कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने चुनाव आयोग के फैसले को लेकर बीजेपी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया था कि आयोग बीजेपी के हाथों की कठपुतली बन गया है.
अब इसी पर प्रतिक्रिया देते हुए किरेन रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस को बीजेपी के लिए जो बातें कह रहे हैं, उन्हें अपने लिए कहना चाहिए. उन्होंने कहा कि TMC का गठन कांग्रेस से अलग होकर हुआ था और NCP भी कांग्रेस से ही निकली थी. रिजिजू ने कहा कि कांग्रेस बीजेपी पर पार्टियों को तोड़ने का आरोप लगा रही है, जबकि खुद उसका इतिहास दूसरी पार्टियों के अलग होकर बनने से जुड़ा है.
रिजिजू ने कांग्रेस पर साधा निशाना
रिजिजू ने कहा कि कांग्रेस ही दूसरी पार्टियों को तोड़ती और उन्हें खत्म करती है. उन्होंने बीजेपी का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीजेपी दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बनी है, लेकिन ऐसा किसी दूसरी पार्टी को तोड़कर नहीं हुआ. उन्होंने कहा कि बीजेपी कांग्रेस की तरह ‘गंदी राजनीति’ नहीं करती.
कांग्रेस ने खत्म किया विपक्षी दल
TMC के चुनाव चिह्न विवाद को लेकर राहुल गांधी के बीजेपी पर ‘सरकार चोरी’ और ‘पार्टी चोरी’ के आरोपों पर बीजेपी ने शुक्रवार को पलटवार किया. बीजेपी ने कहा कि राहुल गांधी को आरोप लगाने से पहले अपनी पार्टी का इतिहास देखना चाहिए और यह समझना चाहिए कि सत्ता में रहते हुए कांग्रेस ने किस तरह विपक्षी दलों को खत्म किया और उनकी सरकारें गिराईं.
सरकार गिराने का आरोप
बीजेपी मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए पार्टी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस पर एच डी देवगौड़ा, चौधरी चरण सिंह, चंद्रशेखर और आई के गुजराल के नेतृत्व वाली सरकारों को समर्थन अचानक वापस लेकर गिराने का आरोप लगाया. सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि राहुल गांधी को बीजेपी पर आरोप लगाने से पहले अपनी पार्टी का इतिहास देखना चाहिए. उन्होंने कहा कि अगर राहुल गांधी अपनी पार्टी का इतिहास नहीं जानते हैं तो वह अपनी पार्टी में नेता बनने के योग्य नहीं हैं, लोकसभा में विपक्ष के नेता के तौर पर बने रहना तो दूर की बात है.उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी देश की एकमात्र ऐसी पार्टी है, जिसमें कभी ‘वर्टिकल डिवीजन’ नहीं हुआ. उन्होंने यह भी कहा कि जब भी कांग्रेस ने लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला किया, तब बीजेपी और भारतीय जनसंघ लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए मजबूती से खड़े रहे.
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