कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अपने ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान को अब ओडिशा तक पहुंचा दिया है. CJP के सह संयोजक सौरव दास सोमवार को भुवनेश्वर पहुंचे. उन्होंने राज्य के सरकारी स्कूलों का दौरा किया. साथ ही, स्कूल की किताबों में हुई गलतियों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों को समर्थन दिया.
सौरव दास ने ओडिशा के स्कूल एवं जन शिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड के इस्तीफे की मांग की. उन्होंने कहा कि किताबों में इतनी बड़ी संख्या में गलतियां सामने आने के बाद जिम्मेदारी तय होनी चाहिए.
1 से 8 क्लास की किताबों में मिलीं 1678 गलतियां
दरअसल, ओडिशा में स्कूल की किताबों को लेकर विवाद कई महीनों से चल रहा है. 1 से 8 तक क्लास की किताबों में कुल 1678 तथ्यात्मक, टाइपिंग और प्रिंटिंग की गलतियां सामने आई थीं. इस मामले को लेकर छात्र संगठन नवनिर्माण युवा छात्र संगठन (NYCS) लगातार प्रदर्शन कर रहा है.
NYCS ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग की है. संगठन किताबों में हुई गलतियों के लिए जिम्मेदारी तय करने की भी मांग कर रहा है. साथ ही, संगठन ने शिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड के इस्तीफे की मांग की है.
सौरव दास सोमवार को भुवनेश्वर पहुंचे. उनके साथ CJP के संयुक्त सचिव संगठन बालकृष्ण शुक्ल और ओडिशा इकाई के सदस्य भी मौजूद थे. दास ने बताया कि वह NYCS के प्रदर्शनकारियों और भूख हड़ताल पर बैठे लोगों से मिलने आए हैं.
उन्होंने भुवनेश्वर और आसपास के इलाकों में तीन सरकारी स्कूलों का दौरा किया. इनमें भुवनेश्वर का एक एससी-एसटी आश्रम स्कूल भी शामिल था. दास ने स्कूलों में साफ-सफाई की स्थिति पर सवाल उठाए. उन्होंने कुछ जगहों पर जर्जर इमारतों का भी जिक्र किया. दास ने कहा कि स्कूलों की स्थिति में सुधार की जरूरत है. बच्चों को बेहतर माहौल में पढ़ाई का मौका मिलना चाहिए.
NYCS ने विधानसभा घेराव का किया ऐलान
किताबों में गलतियों को लेकर NYCS का आंदोलन लगातार जारी है. संगठन का सत्याग्रह 20 अगस्त से चल रहा है. 21 सितंबर तक प्रदर्शन को करीब 33 दिन हो चुके थे. नवनिर्माण कृषक संगठन के संयोजक अक्षय कुमार ने 5 सितंबर से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी. सौरव दास सोमवार को उनके साथ प्रदर्शन में शामिल हुए.
दास ने प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण तरीके से विधानसभा घेराव में शामिल होने की अपील की. उन्होंने कहा कि जब सरकार छात्रों और युवाओं की बात नहीं सुन रही है, तो उन्हें सड़क पर उतरकर आंदोलन करना पड़ रहा है. सौरव दास ने कहा कि सरकार ने स्कूली बच्चों की किताबों की छपाई पर 380 करोड़ रुपये खर्च किए हैं. इसके बावजूद किताबों में कई गलतियां सामने आईं.
किताबों की छपाई को लेकर 380 करोड़ रुपये की राशि आंदोलन का एक बड़ा मुद्दा बन गई है. विपक्षी बीजेडी ने भी किताबों की छपाई में 380 करोड़ रुपये के कथित घोटाले का आरोप लगाया है. पार्टी ने मामले की सीबीआई जांच की मांग की है.
हालांकि, ओडिशा बीजेपी के प्रवक्ता अनिल बिस्वाल ने CJP के आरोपों को राजनीतिक बताया. उन्होंने कहा कि CJP बीजेपी शासित राज्यों में कमियां खोज रही है. उन्होंने CJP पर दूसरे राज्यों में छात्रों और युवाओं के मुद्दों पर चुप रहने का भी आरोप लगाया.
ओडिशा सरकार ने शुरू की सुधार की प्रक्रिया
किताबों में गलतियां सामने आने के बाद ओडिशा सरकार ने भी कार्रवाई की है. सरकार ने चार अधिकारियों को निलंबित किया है. छह अन्य अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की गई है.
राज्य सरकार ने किताबों की समीक्षा प्रक्रिया में बदलाव के लिए 14 सिफारिशों को भी मंजूरी दी है. इनमें चार चरणों वाली प्रूफरीडिंग व्यवस्था शामिल है. इसके अलावा टेक्स्टबुक क्वालिटी एश्योरेंस सेल बनाने की भी सिफारिश की गई है.
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सरकार ने गलतियां सुधारने के बाद संशोधित किताबों का वितरण भी शुरू कर दिया है. अधिकारियों के मुताबिक, कक्षा 1 से 8 तक की संशोधित किताबें छात्रों को दी जा रही हैं. इसके बावजूद किताबों का विवाद जारी है. CJP और NYCS जिम्मेदारी तय करने और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे हैं. अब CJP के इस अभियान के ओडिशा पहुंचने से यह मुद्दा और चर्चा में आ गया है.
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