कर्नाटक: MLA की शिकायत पर हनी ट्रैप गैंग का भंडाफोड़, अमीर लोगों को फंसाने के बाद ब्लैकमेल कर वसूलते थे करोड़ों

कर्नाटक में सेंट्रल क्राइम ब्रांच पुलिस (सीसीबी) ने एक विधायक द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के बाद कर्नाटक में हनी ट्रैपिंग रैकेट का भंडाफोड़ किया है. यह गैंग कर्नाटक में दिग्गज नेताओं को निशाना बनाकर उन्हें ब्लैकमेल करता था.

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कर्नाटक में नेताओं और बिजनेसमैन को हनीट्रैप में फंसाया. (Representational image) कर्नाटक में नेताओं और बिजनेसमैन को हनीट्रैप में फंसाया. (Representational image)

सगाय राज

  • बेंगलुरु,
  • 27 जून 2024,
  • अपडेटेड 10:24 AM IST

सेंट्रल क्राइम ब्रांच पुलिस (सीसीबी) ने कर्नाटक में प्रभावशाली लोगों को निशाना बनाकर उन्हें ब्लैकमेल करने वाले हनी ट्रैपिंग रैकेट का भंडाफोड़ किया है. इस ऑपरेशन के दौरान मैसूर के मूल निवासी संतोष और पुट्टाराजू नामक दो मुख्य संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया. एक युवती, जिसकी पहचान उजागर नहीं की गई है, वह भी इस गिरोह में शामिल थीं.

मैसूर के चामराजा निर्वाचन क्षेत्र के विधायक हरीश गौड़ा की शिकायत के बाद यह रैकेट सामने आया है. गौड़ा ने सीसीबी को बताया कि गिरोह ने उन्हें ब्लैकमेल किया है और करोड़ों रुपये की मांग की है. पुलिस ने सीसीबी थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

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प्रभावशाली लोगों पर रखता था नजर

गिरोह प्रभावशाली लोगों को निशाना बनाता था और उनके काम करने के तरीकों पर बारीकी से नजर रखता था. गिरोह अऐसे लोगों की हर गतिविधियों पर नज़र रखता था और यह भी पता करता था कि वह कौन से होटलों में ठहरे हैं. जैसे ही वीआईपी होटल के कमरे खाली करते थे तो गिरोह उन्हीं कमरों को किराए पर लेता था और गुप्त रूप से हिडन कैमरे लगाता था. फिर वे युवती का इस्तेमाल करके शख्स आपत्तिजनक हालत में फंसाकर हिडन कैमरे से उसे रिकॉर्ड कर लेते थे.

गिरोह के शिकार न केवल राजनेता रहे हैं, बल्कि विश्वविद्यालय के कुलपति जैसे उच्च पदस्थ अधिकारी भी थे. फिर रिकॉर्ड किए गए वीडियो का इस्तेमाल पीड़ितों को ब्लैकमेल करने के लिए किया जाता था, जिसमें बड़ी रकम का भुगतान न करने पर फुटेज जारी करने की धमकी दी जाती थी.

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सीसीबी की जांच में पता चला कि आरोपियों ने इसी रणनीति का इस्तेमाल करते हुए विधायक हरीश गौड़ा से बड़ी रकम की मांग की थी. सीसीबी अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है.   

दो लोग हिरासत में

अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (सीसीबी) चंद्रगुप्ता ने बताया कि कुछ दिन पहले हमारे सीसीबी थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी कि गिरोह बेंगलुरु और मैसूर में लोगों को ब्लैकमेल कर रहा है. शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज होने के बाद दो लोगों को न्यायिक हिरासत में लिया गया है. हमने कुछ गवाहों के बयान भी लिए हैं जांच चल रही है.

चंद्रगुप्ता ने बताया, 'अभी तक हमें इस गिरोह के 3 लोगों के बारे में पता चला है. 2 न्यायिक हिरासत में हैं और 1 फरार है. शिकायतकर्ता ने बताया है कि गिरोह ने कई लोगों को ब्लैकमेल करके बड़ी रकम वसूली है, इसलिए हम जांच करते समय इस और कई अन्य पहलुओं को ध्यान में रख रहे हैं. यह भी पता लगा रहे हैं कि क्या केवल एक व्यक्ति को ब्लैकमेल किया गया है या अन्य अन्य लोगों को भी ब्लैकमेल किया गया है? मामलों में एक लाख तक की रकम मांगी गई है और गिरोह ने अलग-अलग फोन नंबरों का इस्तेमाल करके ऐसा किया है. हम जांच कर रहे हैं.'

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विधायक ने दर्ज कराई शिकायत

वहीं विधायक हरीश गौड़ा ने बताया, 'गिरोह का टारगेट बिजनेसमैन, हाई प्रोफाइल वाले लोग, डॉक्टर और इंजीनियर तक हैं. यहां तक ​​कि प्रोफेसरों को भी निशाना बनाया गया है. मुझे नहीं पता कि कोई चांसलर भी इनका शिकार रहा है, लेकिन 2-3 प्रोफेसरों ने फिरौती की इन मांगों के बारे में शिकायत की थी. यह सुनिश्चित करने के लिए कि मेरे चामराजा विधानसभा क्षेत्र के लोग इससे प्रभावित न हों, मैंने शिकायत दर्ज कराई. मैंने सुना कि उनके बेंगलुरु में नेटवर्क हैं, और वे यहां भी परेशानी पैदा कर रहे हैं, इसलिए मैंने शिकायत दर्ज कराई.'

विधायक ने बताया, 'ऐसा कुछ नहीं है, मैं बस यह सुनिश्चित करना चाहता था कि सम्मानजनक जीवन जीने वाले लोगों को परेशानी न हो. इसलिए मैंने शिकायत दर्ज कराई. मुझे ऐसी किसी भी मांग का सामना नहीं करना पड़ा.'

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