बिहार में बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव से पहले वोटिंग को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है. भारतीय जनता पार्टी बिहार प्रदेश ने रिटर्निंग ऑफिसर को चिट्ठी लिखकर फर्जी वोटिंग रोकने की मांग की है. इस चिट्ठी में कहा गया है कि जन सुराज पार्टी के प्रतिनिधि और कार्यकर्ता फर्जी वोट डलवाने की कोशिश कर रहे हैं. वहीं जन सुराज के संस्थापक और बांकीपुर सीट से उम्मीदवार प्रशांत किशोर ने बीजेपी की इस मांग का स्वागत किया है और जीत का दावा भी किया है.
बीजेपी बिहार प्रदेश के महासचिव नितिन अभिषेक ने 30 जुलाई को बांकीपुर विधानसभा (182) के डीसीएलआर सह रिटर्निंग ऑफिसर राघवेंद्र प्रताप सिंह को यह पत्र भेजा है. चिट्ठी का विषय है, बांकीपुर उपचुनाव में वोटरों की सख्त पहचान जांच यानी एपिक आईडी और नाम मिलान की मांग.
पत्र में लिखा गया है कि जन सुराज पार्टी से जुड़े लोग वोटिंग प्रक्रिया की निष्पक्षता को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं और फर्जी वोट डलवाने की साजिश रच रहे हैं. बीजेपी का कहना है कि ऐसी हरकतें लोकतंत्र की बुनियाद के खिलाफ हैं और स्वतंत्र, निष्पक्ष चुनाव कराने की साझा जिम्मेदारी के भी विरुद्ध हैं.
पार्टी ने चुनाव आयोग और पोलिंग अधिकारियों से मांग की है कि हर मतदाता से वोट डालने से पहले उसका असली एपिक कार्ड जरूर मांगा जाए और उसका नाम वोटर लिस्ट से अच्छी तरह मिलाया जाए. साथ ही यह भी कहा गया है कि इस पूरे विधानसभा क्षेत्र के सभी बूथों पर प्रिजाइडिंग ऑफिसर और पोलिंग एजेंटों को सख्त निर्देश दिए जाएं. इस पत्र की कॉपी पटना के डीएम को भी भेजी गई है.
इस चिट्ठी पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि लंबे समय बाद बीजेपी ने कोई अच्छा काम किया है. उन्होंने कहा कि एपिक कार्ड की सख्त जांच कर फर्जी वोटिंग रोकने की यह मांग सही है और वे इसका स्वागत करते हैं. साथ ही उन्होंने बांकीपुर उपचुनाव में अपनी जीत को लेकर पूरा भरोसा जताते हुए कहा कि वे यह सीट 200 प्रतिशत जीतेंगे.
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