जेप्टो वेयरहाउस में मिला कचरा और खुले पैकेटें, फूड सेफ्टी विभाग की छापेमारी में बड़ा खुलासा

बेंगलुरु के जेप्टो वेयरहाउस में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने छापेमारी कर अस्वच्छता और खाद्य पदार्थों के भंडारण और हैंडलिंग पर गंभीर सवाल उठाए हैं. विभाग ने बताया कि छापेमारी के दौरान खाद्य पदार्थों के भंडारण और रखरखाव में भारी गंदगी और अनियमितताएं मिलीं. वेयरहाउस के फर्श पर कचरा भी बिखरा हुआ पाया गया है.

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बेंगलुरु स्थिति जेप्टो के वेयरहाउस में फूड सेफ्टी विभाग का छापा. (photo: ITG) बेंगलुरु स्थिति जेप्टो के वेयरहाउस में फूड सेफ्टी विभाग का छापा. (photo: ITG)

नागार्जुन

  • बेंगलुरु,
  • 12 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 4:00 AM IST

महानगरों में लाखों लोग अब रोजमर्रा का सामान- दूध, सब्जियां, पैकेट बंद खाद्य पदार्थ क्विक कॉमर्स ऐप जेप्टो से मंगवाते हैं. तेज डिलीवरी और सुविधा के भरोसे वे घर बैठे ऑर्डर करते हैं, लेकिन मंगलवार को बेंगलुरु रूरल के होसकोटे स्थित जेप्टो वेयरहाउस (निप्पॉन एक्सप्रेस द्वारा संचालित) में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की छापेमारी ने इस भरोसे पर सवाल खड़े कर दिए.

बताया जा रहा है कि छापेमारी के दौरान अधिकारियों को खाद्य पदार्थों के भंडारण और रखरखाव में भारी गंदगी और अनियमितताएं मिलीं. वेयरहाउस के फर्श पर कचरा बिखरा हुआ पाया गया, खाद्य पदार्थों के पैकेट इधर-उधर खुले पड़े थे और सॉफ्ट ड्रिंक व दूध के डिब्बे बेतरतीब ढंग से रखे गए. अधिकारियों ने वेयरहाउस में कथित अस्वच्छ परिस्थितियों पर गंभीर सवाल उठाया, जिससे खाद्य उत्पादों के भंडारण और हैंडलिंग को लेकर चिंता बढ़ गई है. ये निरीक्षण कर्नाटक के खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन विभाग के विशेष अभियान का हिस्सा है, जिसमें होटल, रेस्तरां और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच बढ़ाई गई है.

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इंदिरा कैंटीन की रसोइयों पर भी एक्शन

इसी तरह स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री यूटी खादर के मार्गदर्शन में मंगलवार को बेंगलुरु शहरी जिले की तीन इंदिरा कैंटीन रसोइयों- गोट्टीगेरे, लिंगराजपुरम और सिंगासंद्रा में विशेष जांच अभियान चलाया गया. जांच के दौरान भोजन संभालने की अस्वास्थ्यकर स्थितियों, गलत ब्रांडिंग और मानकों के विपरीत लेबलिंग की गंभीर उल्लंघन पाई गईं. तीनों प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किए गए हैं. अस्वच्छ स्थितियों के कारण गोट्टीगेरे स्थित इंदिरा कैंटीन के गोदाम को सील कर दिया गया है.

जांच के लिए भेजे गए सैंपल

अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान दालों, हल्दी पाउडर, खाना पकाने के तेल, गुड़, नमक, चीनी और तैयार भोजन के नमूने एकत्र किए. इन सभी नमूनों को गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन की जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है.

इंदिरा कैंटीन कांग्रेस सरकार की एक प्रमुख पहल है, जिसे पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने 2013 से 2018 तक अपने पिछले कार्यकाल के दौरान शुरू किया था. ये कैंटीन जनता को सब्सिडी वाला भोजन उपलब्ध कराती हैं.

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60 होटल-रेस्तरां में छापेमारी

वहीं, विभाग ने हाल ही में खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 और खाद्य सुरक्षा और मानक (खाद्य व्यवसायों का लाइसेंसिंग और पंजीकरण) विनियम, 2011 के अनुपालन की जांच के लिए कई थ्री-स्टार और फाइव-स्टार होटलों और अन्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया है. इस दौरान कुल 77 खाद्य नमूने एकत्र कर विश्लेषण के लिए प्रयोगशालाओं में भेजे गए हैं. अधिकारियों का कहना है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले खाद्य व्यवसाय संचालकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और ये जांच अभियान आगे भी जारी रहेगा.

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