राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले में SC ने बंद की सुनवाई, निचली अदालत को दिया ये निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी से जुड़ी याचिकाओं का निपटारा करते हुए मामले की सुनवाई बंद कर दी है. उत्तर प्रदेश सरकार ने आरोपपत्र दाखिल किया है और कोर्ट ने निचली अदालत को कानून के अनुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया है.

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ट्रांसजेडर कानून पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. (Photo-File) ट्रांसजेडर कानून पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. (Photo-File)

संजय शर्मा / अनीषा माथुर

  • नई दिल्ली,
  • 02 नवंबर 2026,
  • अपडेटेड 1:32 PM IST

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के आरोपों से जुड़ी याचिकाओं का सुप्रीम कोर्ट ने निपटारा कर दिया है. उत्तर प्रदेश सरकार ने शीर्ष अदालत को बताया कि इस मामले में आरोपपत्र दाखिल किया जा चुका है. इसके बाद चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने संबंधित मजिस्ट्रेट को कानून के मुताबिक आगे की कार्यवाही करने का निर्देश दिया. कोर्ट एसआईटी जांच पर दाखिल याचिकाओं का सुप्रीम कोर्ट ने निपटारा करते हुए मामले की सुनवाई बंद कर दी है. 

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सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालत को कानून के मुताबिक कार्रवाई करने को कहा है साथ ही याचिकाकर्ताओं को निचली अदालत की सहायता करने की इजाजत दी है. सुप्रीम कोर्ट के समक्ष सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने जानकारी दी कि इस मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम गहराई से छानबीन कर रही है. ​मंदिर में भक्तों द्वारा किए गए दान और नकदी की गिनती के समय कथित तौर पर चोरी और हेराफेरी की जा रही थी.

​पुलिस और जांच एजेंसियों ने आरोपियों और उनके रिश्तेदारों के बैंक खातों की वित्तीय ट्रेकिंग की है. जांच में सामने आया है कि कुछ कर्मचारियों ने भारी मात्रा में संपत्ति खरीदी. कोर्ट को बताया गया को एक मामले में कर्मचारी ने 50 लाख रुपये की संपत्ति की खरीद की. उसमें केवल 15 लाख रुपये बैंक ट्रांजैक्शन के जरिए दिखाए गए. बाकी का भुगतान इस चोरी के जरिए जमा किए गए काले धन/नकद से किया गया. 

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क्या बोले चीफ जस्टिस सूर्यकांत?

चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने याचिकाकर्ताओं को आगाह करते हुए कहा, 'हमने आपको इजाजत दे दी है सिविल कोर्ट में जाकर बात रखने की. उसका सदुपयोग कीजिएगा, दुरुपयोग मत कीजिएगा.' सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि उसने इस मामले के गुण-दोष या आरोपों की सत्यता पर कोई राय व्यक्त नहीं की है. शीर्ष अदालत ने याचिकाओं का निपटारा करते हुए आगे की कार्यवाही संबंधित निचली अदालत पर छोड़ दी.

पांच जजों के फैसले की समीक्षा का मुद्दा भी उठा

सुनवाई के दौरान अयोध्या ट्रस्ट से जुड़े पांच न्यायाधीशों की पीठ के फैसले की समीक्षा के लिए दाखिल एक नई याचिका का मुद्दा भी उठा. सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि पांच जजों की पीठ के फैसले के संबंध में इस तरह सिविल मुकदमा दाखिल करना उचित तरीका नहीं है. वहीं, राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अपनी कार्यवाही समाप्त कर दी है. अब आरोपपत्र के आधार पर संबंधित अदालत में आगे की सुनवाई होगी.
 

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