असम की नगांव लोकसभा सीट पर उपचुनाव होने वाले हैं, इस सीट पर बीजेपी ने पूर्व IAS अधिकारी देबाशीष शर्मा को मैदान में उतारा है. खास बात ये है कि शर्मा ने 3 सितंबर को ही जिला कमिश्नर से पद से अपनी मर्जी से सेवानिवृत्ति ली और 8 सितंबर को वे बीजेपी में शामिल हुए. जिसके बाद शुक्रवार को उन्हें उपचुनाव का टिकट मिल गया.
अगर शर्मा की शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने अंग्रेजी में साहित्य में ग्रेजुएशन किया है. इसके बाद उन्होंने पब्लिक रिलेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की.
साल 1992 में देबाशीष असम सिविल सर्विस में शामिल हुए. उनकी पहली पोस्टिंग बारपेटा में हुई और अपने प्रशासनिक सफर में उन्होंने बहुत अहम जिम्मेदारियां संभालीं. वे असम के तत्कालीन राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल एस.के. सिन्हा के विशेष अधिकारी और मुंबई में असम भवन के डिप्टी रेजिडेंट कमिश्नर भी रहे हैं.
इसके अलावा, देबाशीष ने गुवाहाटी नगर निगम के कमिश्नर और मोरीगांव के जिला कमिश्नर के पद पर भी काम किया है. और नगांव में जिला कमिश्नर रहते हुए उन्होंने स्वैच्छिक रिटारयमेंट लिया.
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प्रशासनिक सेवाओं के अलावा देबाशीष एक कैंसर देखभाल संस्था 'दीपशिखा' के संस्थापक चेयरमैन और ट्रस्टी भी हैं. करीब तीन दशक के प्रशासनिक अनुभव के साथ अब देबाशीष अपना सियासी सफर शुरू करने जा रहे हैं.
जिस नगांव सीट पर देबाशीष को टिकट मिला है, वहां 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के टिकट से प्रद्युत बोरदोलोई ने जीत हासिल की थी. लेकिन बाद में वे बीजेपी में शामिल हो गए और विधानसभा चुनाव में दिसपुर से जीत हासिल की. जिसके कारण नगांव सीट पर अब उपचुनाव होना है. इस सीट पर 6 अक्टूबर को चुनाव होना है और 9 अक्टूबर को नतीजे आएंगे.
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