सावन के तीसरे सोमवार और नाग पंचमी के मौके पर बिहार के लखीसराय स्थित मशहूर अशोकधाम मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ से भगदड़ मच गई. इस हादसे में सात लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई लोग घायल बताए जा रहे हैं. मौके पर मौजूद मोकामा निवासी विनोद कुमार ने अपनी आपबीती सुनाई है.
विनोद कुमार ने बताया कि वे अपनी पत्नी और बेटी के साथ मंदिर में दर्शन के लिए गए थे. उनका कहना है कि गेट के पास बांस की बैरिकेडिंग लगी थी, वहां लगभग 100 लोग बाहर से जबरदस्ती घुसने की कोशिश कर रहे थे. वे ट्रेन से उतरकर लाइन में लगे थे. कुछ देर बाद ही वहां एक पोल गिर गया. विनोद कुमार के मुताबिक, मंदिर के गेट के पास प्रशासन की कोई उचित व्यवस्था नहीं थी. उनका कहना है कि बाहर से लगभग 100 श्रद्धालु अंदर घुसने की कोशिश कर रहे थे जिसके कारण भीड़ का दबाव बढ़ा और लोग एक-दूसरे पर गिरने लगे.
उन्होंने बताया कि गेट के पास अंदर जाने वाली जगह पर एक ढलान थी, जिसके कारण स्थिति और बिगड़ गई. विनोद कुमार का कहना है कि सुरक्षा के लिए वहां कोई कर्मी मौजूद नहीं था. हालांकि, उनका कहना है कि महिला कर्मी वहां मौजूद थी लेकिन भीड़ इतनी ज्यादा थी कि वह भी कुछ नहीं कर पाई. उन्होंने कहा, "एकाध लेडीज पुलिस क्या करेंगी? वे सारी भीड़ कैसे रोकती?"
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विनोद कुमार ने बताया कि भगदड़ में उनकी पत्नी दब गई थी, जबकि बेटी का अभी तक पता नहीं चल पाया है. विनोद कुमार ने प्रशासन पर खराब व्यवस्था का आरोप लगाया है.
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी इस हादसे पर दुख जताया है. उन्होंने घायलों के उचित इलाज के निर्देश दिए हैं.
इस हादसे में लगभग 12 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं. SDPO शिवम कुमार ने कहा, "सात लोगों की मौत की खबर है. कहा जा रहा है कि वहां बिजली का खंभा गिर गया और लोगों को बिजली का झटका लगा, जिससे भगदड़ जैसी स्थिति बन गई." उनका कहना है कि पूरा सत्यापन करने के बाद ही वे भगदड़ की सही वजह बता पाएंगे.
विनोद कुमार गुप्ता