एनालॉग पनीर पर NHRC का सख्त रुख, FSSAI और राज्य के मुख्य सचिवों को भेजा नोटिस

एनालॉग पनीर को लेकर NHRC ने FSSAI, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को नोटिस भेजा है. आयोग ने इसकी सुरक्षा, पोषण संरचना, नियामकीय स्थिति, जांच प्रक्रिया और स्वास्थ्य प्रभावों पर जवाब मांगा है. राज्यों से निर्माण, सप्लाई, बिक्री, निरीक्षण, सैंपल जांच, उल्लंघन और कार्रवाई की रिपोर्ट भी मांगी गई है.

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NHRC ने FSSAI और राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों से इसकी सुरक्षा, जांच और बिक्री से जुड़ी विस्तृत रिपोर्ट मांगी है.. (प्रतीकात्मक तस्वीर) NHRC ने FSSAI और राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों से इसकी सुरक्षा, जांच और बिक्री से जुड़ी विस्तृत रिपोर्ट मांगी है.. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

अमित भारद्वाज

  • नई दिल्ली,
  • 14 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 5:12 PM IST

एनालॉग पनीर को लेकर उठे सवालों के बीच राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने FSSAI के चेयरमैन और मिनिस्ट्री ऑफ कंज्यूमर अफेयर्स के सचिव को नोटिस भेजा है. आयोग ने एनालॉग पनीर के सेवन से जुड़े स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों पर जवाब मांगा है.

NHRC ने FSSAI से यह स्पष्ट करने को कहा है कि एनालॉग पनीर की रेगुलेटरी स्थिति क्या है और इसकी अनुमति किस आधार पर दी गई है. आयोग ने उपभोक्ता संरक्षण और इससे जुड़े स्वास्थ्य प्रभावों पर भी विस्तृत रिपोर्ट मांगी है. FSSAI से एनालॉग पनीर की जांच की प्रक्रिया की जानकारी भी देने को कहा गया है. इसमें बीटा-सिटोस्टेरॉल समेत अन्य जांच से जुड़ी जानकारी शामिल है.

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आयोग ने FSSAI से यह भी पूछा है कि क्या किसी उत्पाद को एनालॉग पनीर नाम दिए जाने का उसकी सुरक्षा या खतरे की श्रेणी पर कोई असर पड़ता है. इसके अलावा, NHRC ने यह बताने को कहा है कि क्या एनालॉग पनीर की न्यूट्रिशनल कंपोजीशन को लेकर देश स्तर पर कोई साइंटफिक आकलन उपलब्ध है.

एक्शन को लेकर मांगी रिपोर्ट

वहीं, NHRC ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को भी नोटिस भेजा है. आयोग ने एनालॉग पनीर के निर्माण, सप्लाई, बिक्री और परोसे जाने को लेकर राज्यवार विस्तृत Action Taken Report मांगी है. राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से यह जानकारी देने को कहा गया है कि एनालॉग पनीर को लेकर कितने निरीक्षण किए गए, कितने सैंपल की जांच हुई, कितने उल्लंघन सामने आए और राज्यों ने क्या कार्रवाई की.

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