मोदी सरकार ने नशे के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी हासिल की है. कुख्यात नार्को-तस्कर नवप्रीत सिंह को तुर्किये से भारत डिपोर्ट कराया गया है. इसकी जानकरी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दी है.
अमित शाह ने बताया कि नवप्रीत ने 'नवाब विर्क' की फर्जी पहचान बनाकर तुर्किये की नागरिकता हासिल की थी. इसके बावजूद, भारतीय एजेंसियों ने उसकी असली पहचान का पता लगा लिया.
नवप्रीत सिंह अफगानिस्तान से भारत तक हेरोइन और मेथामफेटामाइन की तस्करी करने वाले नेटवर्क से जुड़ा बताया जा रहा है.
भारतीय एजेंसियों ने एक-एक कर उसकी फर्जी पहचान के पर्दे हटाए और उसकी असली पहचान उजागर की, जिसके बाद तुर्किये से उसका डिपोर्टेशन तय हुआ.
भारत लाए जाने के बाद नवप्रीत सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. अब उसके खिलाफ ड्रग तस्करी और अन्य आपराधिक मामलों में कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
बता दें, इस कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय नारकोटिक्स नेटवर्क पर भारतीय एजेंसियों के बढ़ते शिकंजे के तौर पर देखा जा रहा है. अमित शाह ने कहा कि केंद्र सरकार का लक्ष्य दिसंबर 2029 तक देश से हर नार्को-कार्टेल का सफाया करना है.
इस बीच कुछ दिन पहले अमित शाह 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' के समापन पर पंजाब पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने नशे के कारोबारियों के खिलाफ सख्त संदेश दिया. 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' को संबोधित करते हुए गृह मंत्री ने ऐलान किया कि 31 दिसंबर 2029 के बाद पंजाब में नशा मुहैया कराने वाला एक भी शख्स नहीं बचेगा.
अमित शाह ने कहा था कि जालंधर आना उनके लिए सौभाग्य की बात है, लेकिन खासतौर से एक नशा मुक्त पंजाब के संकल्प के साथ यहां आना उनके लिए परम सौभाग्य की बात है.
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