अपनी सीटबेल्ट बांध लें... यह हवाई यात्रियों के लिए एक जानी-पहचानी अनाउंसमेंट है. लेकिन मंगलवार को फुकेट से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की एक फ्लाइट में इन शब्दों का मतलब बिल्कुल अलग था, क्योंकि प्लेन जबरदस्त टर्बुलेंस (हवा के तेज झटकों) का शिकार हो गया था, जिससे चार क्रू मेंबर समेत 17 यात्री घायल हो गए.
आपातकालीन स्थितियों में शांत रहने की ट्रेनिंग पाने वाले केबिन क्रू के लिए भी हालात की गंभीरता को छिपाना मुश्किल हो रहा था. एक एअर होस्टेस जोर-जोर से चिल्ला रही थी, तो दूसरी पब्लिक एड्रेस सिस्टम पर बार-बार गुजारिश कर रही थी कि अपनी सीटबेल्ट बांध लें.
तब तक, ओवरहेड डिब्बों से सामान नीचे गिर चुका था. टूटे हुए लॉकर के ढक्कन रास्ते में बिखरे पड़े थे, जबकि कुछ बैग खतरनाक ढंग से लटके हुए थे और अगले ज़ोरदार झटके के साथ गिरने की कगार पर थे.
केबिन में घबराहट फैलने के साथ ही यात्री अपने सिर पकड़े, प्रार्थना करते और एक-दूसरे को दिलासा देते हुए देखे गए.
मिन्चेन, जिन्होंने विमान के अंदर से अब वायरल हो रहा वीडियो रिकॉर्ड किया था ने इसे अपनी ज़िंदगी के सबसे बुरे दो घंटे बताया.
उन्होंने कहा, 'प्लीज, प्लीज, प्लीज प्लेन में हमेशा अपनी सीटबेल्ट बांधकर रखें, भले ही सीटबेल्ट का साइन बंद हो. मैंने लोगों को हवा में उछलते, उनके सिर टकराते और घायल होते देखा. कुछ समय के लिए, मुझे सच में लगा कि हम बच नहीं पाएंगे. उम्मीद है कि सब ठीक होंगे.'
एक अन्य यात्री के लिए डरावना पल तब आया जब उन्होंने देखा कि प्लेन के अचानक 300 फीट नीचे गिरने के बाद उनके पिता हवा में उछले और विमान की छत से टकरा गए. इस अनुभव को 'पुनर्जन्म' बताते हुए उन्होंने कहा कि उनकी मां और दो साल की बेटी भी घायल हो गईं.
घटना को याद करते हुए यात्री ने बताया कि उनके पिता आइल (रास्ते) वाली सीट पर बैठे थे और कॉफी पी रहे थे, तभी टर्बुलेंस हुआ. उन्होंने कहा कि उस समय सीटबेल्ट बांधने का कोई अनिवार्य संकेत नहीं था. उन्होंने कहा, 'अचानक एक ज़ोरदार झटका लगा, और वे हवा में उछलकर छत से टकराए और फर्श पर गिर पड़े.'
उन्होंने बताया कि उनकी मां, जो खिड़की के पास बैठी थीं, का सिर ओवरहेड केबिन से टकराया और सूजन आ गई. उन्होंने बताया कि ऊपर रखे सामान रखने वाले डिब्बे (ओवरहेड केबिन) का एक हिस्सा भी गिरा और उनकी बाईं आंख के पास लगा, जिससे वहां सूजन आ गई.
अपनी पत्नी और छोटी बेटी के साथ हुई घटना के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा, 'मेरी पत्नी और मेरी दो साल की बेटी भी हवा में उछल गईं और सीटों के बीच के रास्ते में गिर गईं.' उन्होंने कहा कि उनकी बेटी के सिर में चोट लगी और सूजन आ गई.
उन्होंने बताया कि डॉक्टरों ने चोटों को मामूली बताया, जिसके बाद परिवार को छुट्टी दे दी गई और वे कैब से चंडीगढ़ के लिए रवाना हो गए.
इस मुश्किल अनुभव के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि विमान के अंदर चीख-पुकार मची हुई थी और उनकी पांच साल की बड़ी बेटी बहुत डरी हुई थी. उन्होंने कहा, 'मैं कहूंगा कि यह हम सभी के लिए एक पुनर्जन्म जैसा था.'
यात्री ने क्रू की भी तारीफ की और कहा कि पायलट ने विमान में सवार लोगों को शांत करने में मदद की और केबिन क्रू बहुत मददगार था. उन्होंने इस घटना की जांच की भी मांग की और कहा कि सभी के लिए हवाई सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए गहन जांच की जानी चाहिए.
इटली की विवियाना के लिए, टर्बुलेंस (हवा के झटकों) ने एक सामान्य उड़ान को एक डरावने अनुभव में बदल दिया, क्योंकि उन्होंने अपनी बहन को हवा में उछलते और अपनी मां के सिर में चोट लगते देखा. विमान के अंदर मची अफरातफरी और चोटों को याद करते हुए उन्होंने कहा, 'हमें लगा कि हम मर जाएंगे.'
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