हवा में यात्रियों की जान खतरे में, पायलटों के डोप टेस्ट पर एअर इंडिया को सरकार से क्या नसीहत मिली

एयर इंडिया की फुकेट से दिल्ली आ रही फ्लाइट AI2379 में 4 अगस्त को अचानक 300 फीट की ऊंचाई गिरावट और टर्बुलेंस की घटना हुई थी, जिसमें 20 यात्री और चार केबिन क्रू घायल हुए थे.

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4 अगस्त को एअर इंडिया की फुकेट-दिल्ली फ्लाइट में भीषण टर्बुलेंस की घटना सामने आई थी 4 अगस्त को एअर इंडिया की फुकेट-दिल्ली फ्लाइट में भीषण टर्बुलेंस की घटना सामने आई थी

अमित भारद्वाज

  • नई दिल्ली,
  • 13 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 3:58 PM IST

एयर इंडिया की फुकेट-दिल्ली फ्लाइट AI2379 में टर्बुलेंस और फ्लाइट के अचानक 300 फीट तक नीचे आ जाने के मामले की जांच में तेजी लाई जाएगी. इंडिया टुडे को शीर्ष सरकारी सूत्रों ने बताया कि सरकार एजेंसी से इस मामले की जांच जल्द पूरी करने को कहेगी. एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की अंतरिम रिपोर्ट एक महीने से पहले आने की उम्मीद है.

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सूत्रों के मुताबिक, AI2379 मामले में फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR) और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) समेत सभी महत्वपूर्ण सबूत जांच एजेंसियों के पास सुरक्षित हैं. इसके अलावा मेडिकल जांच से जुड़े रिकॉर्ड और संबंधित लोगों के बयान भी जांच का हिस्सा होंगे. एक शीर्ष सूत्र ने आजतक से कहा, 'AI171 के विपरीत इस मामले में सभी सबूत हमारे पास हैं.

FDR और CVR सुरक्षित कर लिए गए हैं. मेडिकल जांच के रिकॉर्ड और संबंधित लोगों के बयान भी जुटाए जाएंगे. हमारा इरादा जांच में तेजी लाने का है.'

सूत्रों के मुताबिक, FDR और CVR से मिले डेटा के विश्लेषण को फास्ट ट्रैक किया जाएगा. AAIB की जांच और रिपोर्ट को जल्द पूरा करने पर जोर है, ताकि घटना से जुड़े तथ्यों और संभावित खामियों का जल्द पता लगाया जा सके.

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Air India को वर्क कल्चर सुधारने के निर्देश

इस घटना के बाद एविएशन रेगुलेटर और नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) ने एयर इंडिया को भी सख्त संदेश दिया है. सूत्रों के मुताबिक, एयरलाइन से अपने वर्क कल्चर में सुधार सुनिश्चित करने को कहा गया है.

इसके साथ ही फ्लाइंग क्रू के बीच ड्रग्स के इस्तेमाल से जुड़ी घटनाओं को रोकने के लिए ज्यादा सख्त फ्रेमवर्क तैयार करने की जरूरत पर भी जोर दिया जा रहा है. सरकार ऐसे मामलों में कड़े नियम और उदाहरण पेश करने वाली सजा का प्रावधान लाने पर विचार कर सकती है.

4 अगस्त को एयर इंडिया की एयरबस A320 फ्लाइट AI2379 फुकेत से दिल्ली आ रही थी, जब क्रूज के दौरान विमान की ऊंचाई में अचानक करीब 300 फीट का बदलाव हुआ था. इसके बाद विमान स्थिर हो गया और दिल्ली में सुरक्षित लैंडिंग हुई. घटना में 20 यात्रियों और चार केबिन क्रू सदस्यों के घायल होने की जानकारी सामने आई थी. AAIB ने मामले की जांच अपने हाथ में ली है.

सभी पायलटों की होगी स्क्रीनिंग?

एयर इंडिया ने फ्लाइट AI2379 से जुड़ी घटना के बाद अपने सभी पायलटों की व्यापक स्क्रीनिंग शुरू करने का फैसला किया है. इसके तहत एयर इंडिया ग्रुप के सभी पायलटों की ऐसे पदार्थों या दवाओं के सेवन के लिए जांच की जाएगी, जिनकी मौजूदा एविएशन नियमों के तहत अनुमति नहीं है. यह जांच अनिवार्य होगी और 13 अगस्त 2026 से शुरू हो रही है.

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एयर इंडिया ने अपने पायलटों को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं. एयरलाइन ने कहा है कि ग्रुप के सभी पायलटों की ऐसे किसी भी ड्रग/दवा के लिए स्क्रीनिंग की जाएगी, जिनका इस्तेमाल मौजूदा नियमों के तहत प्रतिबंधित है या जिनकी अनुमति नहीं है.

एयर इंडिया के मुताबिक, यह टेस्टिंग सभी पायलटों के लिए अनिवार्य होगी. जांच की प्रक्रिया अलग-अलग स्थानों पर की जाएगी, ताकि पायलटों की ड्यूटी और ट्रेनिंग के साथ इसे पूरा किया जा सके.

गुरुग्राम एकेडमी से बेस लोकेशन तक होगी जांच

एयरलाइन ने पायलटों को बताया है कि गुरुग्राम स्थित एयर इंडिया एकेडमी में ट्रेनिंग के दौरान स्क्रीनिंग की जा सकती है. इसके अलावा फ्लाइट पूरी होने के बाद एयर इंडिया के फ्लाइट ब्रीफिंग सेंटर्स या एयर इंडिया के कार्यालयों में भी जांच की व्यवस्था की जाएगी.

पायलटों के संबंधित बेस की ओर से निर्धारित अन्य स्थानों पर भी यह टेस्टिंग की जा सकेगी. एयरलाइन ने स्पष्ट किया है कि स्क्रीनिंग की प्रक्रिया 13 अगस्त से प्रभावी हो गई है और सभी पायलटों के लिए इसमें शामिल होना जरूरी होगा.

एयर इंडिया का यह कदम फुकेट-दिल्ली फ्लाइट AI2379 से जुड़ी घटना के बाद सामने आया है. इस मामले की जांच एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) कर रहा है. सरकार भी जांच में तेजी लाने पर जोर दे रही है.

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इससे पहले सूत्रों ने बताया था कि फ्लाइंग क्रू के बीच प्रतिबंधित पदार्थों के इस्तेमाल को रोकने के लिए ज्यादा सख्त व्यवस्था की जरूरत पर जोर दिया जा रहा है. अब एयर इंडिया ने अपने स्तर पर सभी पायलटों की अनिवार्य स्क्रीनिंग शुरू कर दी है.

दोनों पायलट की कराई गई थी मेडिकल जांच
घटना के बाद विमान के दोनों पायलटों की साइकोएक्टिव सब्सटेंस स्क्रीनिंग कराई गई थी. सूत्रों के मुताबिक, को-पायलट की शुरुआती जांच में ऐसी कोई बात सामने नहीं आई. हालांकि, पायलट-इन-कमांड की शुरुआती स्क्रीनिंग का नतीजा ऐसा था, जिसके बाद विस्तृत जांच की जरूरत पड़ी. इसके बाद पायलट-इन-कमांड का सैंपल कन्फर्मेटरी टेस्ट के लिए एक लैब को भेजा गया. सूत्रों के अनुसार, इस जांच में सैंपल मारिजुआना के लिए पॉजिटिव पाया गया है.

यात्रियों के कान और कंधें में आई थीं इंजरी
बता दें कि इसी महीने चार अगस्त को एअर इंडिया की फ्लाइट AI2379 थाइलैंड के फुकेट से दिल्ली आ रही थी. उड़ान के दौरान अचानक तेज टर्बुलेंस हुआ. इस वजह से विमान में सवार 13 यात्री और 4 क्रू मेंबर घायल हो गए थे. घायलों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया. कुछ यात्रियों को कान, गर्दन और कंधे में चोटें आई थी.

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विमान में कुल 137 यात्री और 8 क्रू मेंबर सवार थे. टर्बुलेंस के बाद विमान ने अपनी उड़ान सामान्य तरीके से जारी रखी और सुबह 11:07 बजे दिल्ली एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंड किया. एअर इंडिया के मुताबिक, घटना के बाद 13 यात्रियों और 4 क्रू मेंबर को मेडिकल जांच के लिए अस्पताल भेजा गया था. 4 अगस्त शाम 6:50 बजे तक 5 यात्रियों को अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी थी, बाकी को भी इलाज और चेकअप के बाद छुट्टी दे दी गई थी.

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