'बंटवारे के बाद जो बचा वो हिंदू राष्ट्र', मुस्लिम दोस्तों को लेकर कैलाश विजयवर्गीय ने किया ये दावा

कैलाश विजयवर्गीय ने भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करने के लिए धार्मिक नेताओं के एक वर्ग की मांग के बारे में पूछे जाने पर कहा “जब भारत का विभाजन हुआ था, तो यह धार्मिक तर्ज पर था. विभाजन के बाद, पाकिस्तान बना और बाकी देश एक हिंदू राष्ट्र है. ”

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कैलाश विजयवर्गीय (फाइल फोटो) कैलाश विजयवर्गीय (फाइल फोटो)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 22 मार्च 2023,
  • अपडेटेड 2:13 PM IST

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय ने मंगलवार को मध्यप्रदेश के इंदौर में मीडिया से बातचीत की. यहां उन्होंने कहा कि 1947 में भारत पाकिस्तान का बंटवार ही धर्म के आधार पर हुआ  था. भारत में जो कुछ बचा वह हिंदू राष्ट्र हुआ.

'बंटवारे के बाद जो बचा वो हिंदू राष्ट्र ही है...'

कैलाश विजयवर्गीय ने भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करने के लिए धार्मिक नेताओं के एक वर्ग की मांग के बारे में पूछे जाने पर कहा “जब भारत का विभाजन हुआ था, तो यह इस मुद्दे पर (धार्मिक तर्ज पर) था. विभाजन के बाद, पाकिस्तान बना और बाकी देश एक हिंदू राष्ट्र है. ”

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'हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं मेरे मुस्लिम दोस्त'

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, राज्य के पूर्व कैबिनेट मंत्री विजयवर्गीय ने यह भी दावा किया कि भोपाल में रहने वाले उनके एक मुस्लिम मित्र प्रतिदिन हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं और एक शिव मंदिर भी जाते हैं. उन्होंने कहा कि उनके मुस्लिम मित्र की तरह, देश में कई लोग हैं जो महसूस करते हैं कि उनके पूर्वजों ने एक बार हनुमान चालीसा का पाठ किया था.

विजयवर्गीय ने आगे कहा “मैंने अपने मुस्लिम मित्र से पूछा कि वह भगवान हनुमान और भगवान शिव की पूजा करने के लिए कैसे प्रेरित हुए. तो मेरे मित्र ने जवाब दिया कि जब उन्होंने अपने परिवार का इतिहास पढ़ा तो उन्हें पता चला कि उनके पूर्वज राजस्थान के राजपूत थे और उनके कुछ रिश्तेदार अभी भी राजपूत हैं जो राजस्थान और उत्तर प्रदेश में भी रहते हैं.''

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'हनुमान चालीसा क्लब' बनाने पर विचार
 
उन्होंने यह भी कहा कि वह युवाओं को नशे से दूर करने के लिए "हनुमान चालीसा क्लब" बनाने पर विचार कर रहे हैं. इससे पहले, जून 2022 में, कैलाश विजयवर्गीय को अग्निवीरों पर अपनी टिप्पणी के लिए आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था. उन्होंने कथित तौर पर कहा था कि वह अपने भाजपा कार्यालय में सुरक्षा नौकरियों के लिए अग्निपथ के रंगरूटों को प्राथमिकता देंगे. लेकिन प्रतिक्रिया का सामना करने के बाद, उन्होंने एक स्पष्टीकरण जारी किया, जिसमें कहा गया था कि उनका मतलब यह था कि अग्निवीरों की उत्कृष्टता का उपयोग रक्षा बलों में सेवा पूरी करने के बाद वे जिस भी क्षेत्र में चाहें जा सकेंगे.

 

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