पुणे के पास ऐतिहासिक लोहागढ़ किले पर 25 साल के केतन अग्रवाल की मौत के मामले में जांच लगातार नए खुलासों की ओर बढ़ रही है. शुरुआती तौर पर इसे दुर्घटना माना जा रहा था, लेकिन पुलिस का दावा है कि सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल साक्ष्य और संबंधित लोगों के बयानों में सामने आए विरोधाभासों ने पूरे मामले को संदिग्ध बना दिया है.
केतन का परिवार बोला था- सिया पर भरोसा है
जांच से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, शुरुआत में केतन के परिजनों से बातचीत की गई थी. उस समय परिवार ने मौत पर किसी तरह का संदेह नहीं जताया था और कथित तौर पर सिया गोयल के बयानों को सही मानकर सपोर्ट भी किया था. परिवार का कहना था कि वे इस घटना को लेकर किसी फालतू की कंट्रोवर्सी में नहीं पड़ना चाहते. लेकिन परिवार के दिलचस्पी न लेने के बावजूद पुलिस ने क्राइम स्पॉट और उससे जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच जारी रखी.
पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान ऐसे कई तथ्य सामने आए जिनसे सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी की भूमिका पर सवाल खड़े हुए. अधिकारियों का दावा है कि दोनों के बीच संपर्क और घटनाक्रम की कड़ियों ने संभावित साजिश की आशंका को मजबूत किया है. हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष सामने आना बाकी है.
सिया ने बार-बार किया चेतन को इशारा
जांच में यह भी सामने आया कि केतन और सिया के परिवारों ने फरवरी में दोनों की शादी तय की थी. दोनों परिवारों की मुलाकात के बाद जल्द ही उनकी सगाई भी हो गई थी. इसी बीच 21 जून को लोनावला ग्रामीण पुलिस की एक टीम ने लोहागढ़ किले का दौरा कर वहां के सीसीटीवी फुटेज की जांच की.
पुलिस का दावा है कि फुटेज में एक हुडी पहने युवक केतन और सिया के आसपास दिखाई दिया था. पहली बात तो ये कि उसने इतनी गर्मी में हुडी पहनी हुई थी. दूसरा ये कि, सिया कई बार पीछे मुड़कर उस व्यक्ति की ओर देखती नजर आई. एक जगह तो उसने कथित तौर पर हाथ का इशारा भी किया, जिसपर चेतन ने जवाब भी दिया. मानों सिया पूछ रही हो- अब धक्का दे क्या? सीसीटीवी में कैद इन एक्टिविटीज ने पुलिस का ध्यान खींचा और उस व्यक्ति की पहचान करने की कोशिश तेज कर दी.
सिया के बदले बयानों से शक
अधिकारियों के अनुसार, सिया ने शुरुआत में कहा था कि फोटो खींचने के दौरान केतन खाई में गिर गया. बाद में पूछताछ में उसका बयान बदल गया और उसने दावा किया कि वह ट्रेक के बाद आराम कर रही थी तथा पानी मांगने पर बोतल देते समय केतन का बैलेंस बिगड़ गया. पुलिस का कहना है कि दोनों बयानों में अंतर जांच का अहम बिंदु बन गया.
महज 48 मिनट मे ट्रेक से लौट आया चेतन
इसके अलावा जांच में केतन के मोबाइल फोन से उस दिन की कोई फोटो नहीं मिली. ट्रिप पर एक भी फोटो का न होना अपने आप में हैरान करता है. पुलिस का यह भी दावा है कि जिस लोकेशन पर सिया केतन के साथ रुकी थी, वह सामान्य पर्यटकों के आराम करने की जगह नहीं थी. कॉल रिकॉर्ड, लोकेशन डेटा और सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण के बाद पुलिस ने हुडी पहने व्यक्ति की पहचान चेतन चौधरी के रूप में की और फिर परतें खुलती गईं. वहीं चेतन किले पर जाकर महज 48 मिनट में नीचे भी आ गया था, जो कि साधारण बात नहीं थी. फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस सभी साक्ष्यों को जोड़कर घटना की पूरी सच्चाई सामने लाने का प्रयास कर रही है.
ओमकार