बढ़वण बंदर के विरोध में चल रहा आंदोलन अब और उग्र होता नजर आ रहा है. शुक्रवार को आयोजित जनआक्रोश सभा में विधायक विनोद निकोले ने बढ़वण क्षेत्र में चल रहे सड़क निर्माण कार्य को तत्काल बंद करने की चेतावनी प्रशासन को दी थी. उन्होंने यह भी चेतावनी दी थी कि यदि डंपर चलते दिखाई दिए तो उन्हें तोड़ दिया जाएगा.
विधायक की चेतावनी के बाद लगातार दो दिनों तक सड़क निर्माण का काम पूरी तरह बंद रहा. लेकिन आज एक बार फिर वरोर में पुलिस बंदोबस्त के बीच सड़क निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया. इससे स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया. ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर काम का विरोध किया.
ग्रामीणों का आरोप है कि विरोध करने पर पुलिस प्रशासन ने उन्हें हिरासत में लिया और उनके खिलाफ मामले दर्ज करने की कोशिश की. पुलिस की इस कार्रवाई से नाराज ग्रामीणों ने अब समुद्र में उतरकर जलसमाधि आंदोलन शुरू कर दिया है.
समुद्र में उतरे सैकड़ों ग्रामीण
पुलिस कार्रवाई के विरोध में सैकड़ों ग्रामीण समुद्र के छाती तक पानी में खड़े होकर आंदोलन कर रहे हैं. इस आंदोलन में महिलाओं, युवतियों, छोटे बच्चों और युवाओं की भी बड़ी संख्या में भागीदारी देखने को मिल रही है. समुद्र के बीच खड़े होकर ग्रामीण प्रशासन के खिलाफ अपना विरोध जता रहे हैं.
'जब तक काम बंद नहीं होगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा!'
आंदोलनकारियों का कहना है कि स्थानीय लोगों के विरोध को नजरअंदाज कर जबरन निर्माण कार्य शुरू किया जा रहा है. बढ़वण बंदर से जुड़े कार्यों को तत्काल बंद किया जाना चाहिए. जब तक प्रशासन काम बंद करने का फैसला नहीं लेता, तब तक जलसमाधि आंदोलन जारी रहेगा, ऐसी चेतावनी ग्रामीणों ने दी है. देखें VIDEO:-
बढ़वण बंदर के विरोध में शुरू हुआ यह आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचता दिखाई दे रहा है. समुद्र में महिलाओं और छोटे बच्चों की मौजूदगी के कारण स्थिति और भी संवेदनशील हो गई है. अब देखना होगा कि प्रशासन ग्रामीणों के इस तीव्र विरोध पर क्या रुख अपनाता है और आंदोलन को समाप्त करने के लिए क्या कदम उठाता है.
अभिजीत करंडे