महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर जिले के वैजापुर तालुका के खंडाला गांव में नीट एग्जाम की तैयारी कर रहे 19 वर्षीय छात्र ने आत्महत्या कर ली. मृतक की पहचान सूरज सुभाष शिंदे के रूप में हुई है. शुरुआती पुलिस जांच के मुताबिक, NEET एग्जाम में कम नंबर आने के बाद वह मानसिक रूप से परेशान था.
सूरज घर पर रहकर NEET की तैयारी कर रहा था. पुलिस के मुताबिक, आत्महत्या से पहले उसने दो लाइन की एक चिट्ठी भी लिखी थी. इसमें उसने अपने माता-पिता से माफी मांगते हुए लिखा, 'सॉरी आई और अप्पा, अगले जन्म में आपके लिए डॉक्टर बनूंगा. अपना ख्याल रखना और खुश रहना.'
बताया जा रहा है कि घटना के समय परिवार के सदस्य गांव में चल रहे एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बाहर गए हुए थे. बुधवार दोपहर करीब दो बजे परिवार के लोग घर लौटे. उन्होंने सूरज को फोन किया, लेकिन उसका फोन बंद मिला.
इसके बाद सूरज की छोटी बहन ऊपर के कमरे में गई, जहां उसने उसे फंदे से लटका देखा. बहन की चीख सुनकर परिवार के लोग मौके पर पहुंचे और सूरज को तुरंत वैजापुर उपजिला अस्पताल ले गए. हालांकि, डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया.
सूरज का अंतिम संस्कार गमगीन माहौल में किया गया. वैजापुर पुलिस थाने में आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज किया गया है. पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है. पुलिस ने चिट्ठी और घटनाक्रम से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच शुरू कर दी है. पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि परीक्षा के परिणाम के अलावा कोई अन्य वजह तो छात्र के इस कदम के पीछे नहीं थी.
इसरारउद्दीन चिश्ती