महाराष्ट्र के सांगली में एक कुएं से पानी की जगह पेट्रोल जैसा लिक्विड निकलने की खबर से लोग हैरान हैं. कुएं के पानी के ऊपर यह पदार्थ तैरता दिख रहा है. लोगों ने इसे बोतल में भरकर देखा तो यह पेट्रोल जैसा नजर आया. आग के संपर्क में लाने पर यह तेजी से जल भी उठा. इसके बाद कुएं के आसपास रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है.
मामला सांगली जिले के जट तालुका के उमाड़ी गांव का है. उमाड़ी-पंढरपुर हाईवे के पास डुंडाप्पा माली के खेत में यह कुआं है. स्थानीय लोगों के मुताबिक, कुछ समय से कुएं के आसपास पेट्रोल जैसी तेज गंध महसूस हो रही थी. अब पानी के ऊपर ज्वलनशील लिक्विड दिखाई देने लगा है. लोग इसे बोतल में भरकर भी देख रहे हैं.
पास में पेट्रोल पंप, इसलिए हुआ शक
कुएं के पास एक पेट्रोल पंप भी है. ऐसे में सबसे पहले शक हुआ कि कहीं पेट्रोल पंप की अंडरग्राउंड टंकी से रिसाव तो नहीं हो रहा. अगर ऐसा होता तो जमीन के रास्ते पेट्रोल कुएं तक पहुंच सकता था. मामला सामने आने के बाद पेट्रोल पंप की जांच कराई गई. HPCL के अधिकारियों ने टंकी को चेक किया. जांच के बाद अधिकारियों ने बताया कि टंकी में किसी तरह का रिसाव नहीं है. इसके बाद कुएं में मिल रहे इस पदार्थ को लेकर जांच का दायरा बढ़ाया गया.
प्रशासन तलाश रहा है वजह
जट तहसीलदार कार्यालय के I.O. श्रीकांत चोथे के मुताबिक, मामले की जांच की गई है. शुरुआत में पेट्रोल पंप की टंकी से रिसाव होने का शक था. इसकी जानकारी HPCL को दी गई थी. कंपनी की तरफ से जांच के बाद टंकी में लीकेज नहीं मिला. अब प्रशासन यह पता लगाने में जुटा है कि कुएं में यह ज्वलनशील पदार्थ कहां से पहुंच रहा है. अभी यह भी साफ नहीं है कि पानी के ऊपर दिखाई दे रहा लिक्विड पेट्रोल ही है या कोई दूसरा पदार्थ. इसकी जांच के बाद ही स्थिति साफ होगी.
कुएं के मालिक डुंडाप्पा माली का कहना है कि पानी में पेट्रोल जैसी गंध आ रही है. अब इस पानी को पीने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा रहा. जानवरों को भी पानी नहीं पिलाया जा रहा है. उनका कहना है कि खेत की खेती पर भी इसका असर पड़ा है. माली के मुताबिक, कुएं में ज्वलनशील पदार्थ होने की वजह से डर बना हुआ है. वह खुद कुएं पर नजर रख रहे हैं. उन्होंने प्रशासन से कुएं के आसपास घेराबंदी कराने की मांग की है, ताकि कोई अनजाने में इसके पास न जाए.
कुएं को देखने पहुंच रहे लोग
घटना की खबर फैलने के बाद बड़ी संख्या में लोग कुएं को देखने पहुंच रहे हैं. स्थानीय लोगों के मुताबिक, कुएं में सीढ़ियां नहीं हैं. नीचे जाने के लिए रस्सी का सहारा लेना पड़ता है. भीड़ बढ़ने से किसी के कुएं में गिरने का खतरा भी बना हुआ है. फिलहाल प्रशासन इस बात का पता लगाने में जुटा है कि कुएं में पेट्रोल जैसा यह ज्वलनशील लिक्विड आखिर पहुंचा कहां से. पेट्रोल पंप की टंकी में रिसाव नहीं मिलने के बाद अब असली वजह का पता जांच के बाद ही चलेगा.
प्रबोधिनी चिखलीकर