मॉनसून निकलने के बाद भी लातूर के किसान बारिश को तरस को रहे हैं. महाराष्ट्र के लातूर में किसान चिंतित हैं. अब तक जिले में पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण खेतों में खड़ी फसलों पर संकट बढ़ता जा रहा है और किसान बारिश के इंतजार में हैं.
मॉनसून की शुरुआत में कुछ जगहों पर बारिश होने के कारण किसानों ने सोयाबीन और कपास जैसे खरीफ फसलों की बुवाई कर दी. लेकिन बाद में पर्याप्त बारिश न होने और पानी की कमी के चलते खड़ी फसल पीली पड़कर बर्बाद हो रही है.
रेनापुर शहर के एक किसान को भी इन्हीं दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है. बालाजी कदम नामक किसान ने मॉनसून की शुरुआत में थोड़ी बारिश होने के कारण अपने खेत में सोयाबीन की फसल लगाई थी. लेकिन बाद में पर्याप्त बारिश नहीं हुई. और अब उनकी फसल पीली पड़ कर सूख रही है. ऐसे हालात में उन्होंने अपनी खड़ी फसल पर ट्रैक्टर चलाते हुए फसल को बर्बाद कर दिया.
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किसान बालाजी कदम ने कहा कि सोयाबीन की बुवाई के बाद बारिश न होने के कारण इलाके में सूखे जैसे हालात हैं. उन्होंने बताया कि लातूर में बोरवेल ,कुआं और नदियों में भी अब पानी नहीं बचा है. उन्होंने कहा, "पानी की कमी के कारण मेरी तीन एकड़ में लगाई हुई सोयाबीन की पूरी फसल बर्बाद हो गई."
'सरकार आर्थिक मुआवजा दे'
उन्होंने बताया कि सोयाबीन की बुवाई के लिए लगने वाले खाद, बीज और पेस्टिसाइड्स को उन्होंने ब्याज पर खरीदा था. उनका कहना है कि फसल बर्बाद होने के कारण उनके पैसे भी डूब गए. उन्होंने सरकार से आर्थिक मुआवजे की मांग की है. उनका कहना है कि खरीफ की फसल तो खराब हो गई, ऐसे में रबी फसल के लिए सरकार को किसानों के लिए आर्थिक मुआवजा जारी करना चाहिए.
कम बारिश के चलते खरीफ फसलों के उत्पादन पर भी असर
इस साल लातूर में कुछ खास बारिश नहीं हुई है. जल संसाधन विभाग द्वारा बनाई गई रिपोर्ट के आधार पर, जिले में बड़े-छोटे मिलाकर कुल 171 परियोजनाएं है. इनमें आज के दिन सिर्फ 12% ही पानी मौजूद है. बता दें, पिछले साल इन्हीं परियोजनाओं में इन दिनों 90% पानी मौजूद था. इन आंकड़ों को देखते हुए जिले मैं सूखे का खतरा होने के साथ खरीफ फसलों के उत्पादन में कमी की भी आशंका है.
मौजूदा स्थिति में जिन किसानों के पास पानी की व्यवस्था है, वे अपने खेतों में फसलों को किसी तरह जिंदा रखने की कोशिश कर रहे हैं. वहीं, जिन किसानों के पास कोई व्यवस्था नहीं है, वे अपनी फसल को बर्बाद होते देख चिंतित हैं.
अनिकेत जाधव