नागपुर में पुलिस ने शराब तस्करी के एक ऐसे मामले का खुलासा किया है, जिसमें तस्करों ने पुलिस को चकमा देने के लिए फिल्म ‘पुष्पा’ जैसा तरीका अपनाया. शराब से भरे ट्रक के ऊपर कबाड़ी का सामान रखा गया था, ताकि बाहर से देखने पर वाहन में सिर्फ स्क्रैप ही नजर आए. हालांकि, पुलिस की गुप्त सूचना और जांच के बाद ट्रक को पकड़ लिया गया. तलाशी में ट्रक के पिछले हिस्से में खास तौर पर बनाई गई जगह से हजारों शराब की बोतलें बरामद हुईं.
नागपुर क्राइम ब्रांच ने अवैध शराब तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए करीब 15.60 लाख रुपये कीमत की देशी शराब जब्त की है. यह कार्रवाई अमरावती रोड स्थित आठवां मील मार्केट क्षेत्र में की गई. पुलिस ने मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है. अब जांच इस बात पर केंद्रित है कि शराब की इतनी बड़ी खेप कहां से लाई गई थी और इसे कहां पहुंचाया जाना था. पुलिस के मुताबिक, क्राइम ब्रांच के कर्मचारी अजय शुक्ला को सूचना मिली थी कि धुले से शराब से भरा एक ट्रक गढ़चिरौली की ओर ले जाया जा रहा है. सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम सक्रिय हुई और ट्रक को रोकने के लिए जाल बिछाया गया. जैसे ही संदिग्ध ट्रक वहां पहुंचा, पुलिस ने उसे रोक लिया. इसके बाद वाहन की तलाशी शुरू की गई. ट्रक के ऊपर कबाड़ी का सामान रखा हुआ था. बाहर से देखने पर ऐसा लग रहा था कि ट्रक में केवल कबाड़ का सामान ले जाया जा रहा है.
ट्रक के अंदर बनाया था खास छिपा हुआ हिस्सा
तलाशी के दौरान पुलिस को ट्रक के पिछले हिस्से में एक विशेष जगह दिखाई दी. इसी जगह को शराब छिपाने के लिए इस्तेमाल किया गया था. पुलिस ने जब इस छिपे हुए हिस्से को खोला तो वहां शराब के बॉक्स रखे मिले. पुलिस के मुताबिक, इस छिपे हुए हिस्से में 390 बॉक्स रखे गए थे. प्रत्येक बॉक्स में 90 एमएल की रॉकेट देशी शराब की बोतलें थीं. कुल मिलाकर करीब 39 हजार शराब की बोतलें बरामद की गईं. तस्करी के इस तरीके में सबसे खास बात यह थी कि शराब को सीधे ट्रक में नहीं रखा गया था. उसे छिपाने के लिए ट्रक के पिछले हिस्से में विशेष जगह बनाई गई थी और उसके ऊपर कबाड़ी का स्क्रैप सामान रखा गया था. यही वजह थी कि सामान्य तौर पर ट्रक को देखने पर उसमें शराब होने का पता लगाना आसान नहीं था. तस्करों ने पुलिस से बचने के लिए कबाड़ की आड़ में शराब की बड़ी खेप को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने की कोशिश की थी.
28.70 लाख रुपये का माल जब्त
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान शराब के अलावा अशोक लेलैंड ट्रक और मोबाइल फोन भी जब्त किया है. पुलिस के मुताबिक, शराब, ट्रक और मोबाइल फोन समेत जब्त किए गए पूरे माल की कीमत करीब 28.70 लाख रुपये है. मामले में नागपुर निवासी अब्दुल तोसिफ अब्दुल हाफिज को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस अब उससे पूछताछ कर रही है और इस तस्करी से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है. शराब की इतनी बड़ी खेप मिलने के बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इसके पीछे और कौन-कौन लोग शामिल हैं. साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि शराब की खेप को गढ़चिरौली में किसके पास पहुंचाया जाना था. फिलहाल नागपुर क्राइम ब्रांच की कार्रवाई के बाद शराब तस्करी के इस पूरे नेटवर्क की जांच जारी है. कबाड़ के नीचे छिपाकर ले जाई जा रही 39 हजार बोतलों की बरामदगी ने तस्करी के इस तरीके का खुलासा कर दिया है.
(रिपोर्ट : रजत सचदेवा)
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