सिया के बर्थडे पर ग्रैंड पार्टी करने वाला था केतन... महाबलेश्वर के रिजॉर्ट में बुक किए थे 35 से 40 कमरे

पुणे का केतन अग्रवाल अपनी मंगेतर के बर्थडे के लिए भव्य तैयारियां कर रहा था. अरबपति फैमिली का ये लड़का बेहद खुद था कि वह मंगेतर सिया के साथ खूबसूरत पल बिता रहा है. केतन ने महाबलेश्वर में एक शानदार रिजॉर्ट बुक किया था. उसकी मंगेतर सिया का बर्थडे 19 जून को था. इसी से एक दिन पहले सिया ने अपने बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी संग मिलकर केतन को किले से धक्का दे दिया.

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सिया के बर्थडे सेलिब्रेशन की तैयारी में जुटा था केतन. (Photo: ITG) सिया के बर्थडे सेलिब्रेशन की तैयारी में जुटा था केतन. (Photo: ITG)

ओमकार

  • पुणे,
  • 24 जून 2026,
  • अपडेटेड 2:16 PM IST

जिस सिया गोयल ने अपने मंगेतर केतन अग्रवाल किले से धक्का देकर मार दिया, उसने सिया के बर्थडे पर ग्रैंड सेलिब्रेशन की तैयारी कर रखी थी. जांच में सामने आया है कि 19 जून को केतन अग्रवाल ने महाबलेश्वर के एक बड़े रिजॉर्ट में लगभग 40 से 50 कमरे बुक किए थे. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सिया गोयल पर केतन अग्रवाल की हत्या की मुख्य साजिशकर्ता होने का आरोप है.

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इस पूरे मामले की जांच करने वालों का दावा है कि सिया ने इस पूरे कांड की साजिश इसलिए रची, क्योंकि वह केतन अग्रवाल से शादी नहीं करना चाहती थी. वह अपने बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी के साथ रिलेशन रखना चाहती थी.

पुलिस ने कहा कि सिया ने अपने बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी के साथ मिलकर हत्या की प्लानिंग की. जांच के दौरान सामने आया कि सिया पहले 31 मई को केतन के साथ ट्रेकिंग के लिए लोहागढ़ किले गई थी. पुलिस को शक है कि इसी दौरान केतन को चट्टान से नीचे धकेलने का खयाल सबसे पहले उसके मन में आया था.

यह भी पढ़ें: 'मेरी चिता को आग देने वाला चला गया...' सदमे में केतन की फैमिली, पिता बोले- मेरा सब खत्म हो गया

इसके बाद 14 जून को दोनों ने फिर से फोटोशूट के बहाने लोहागढ़ किले का विजिट किया. इस दौरान सिया ने यह कहकर हंगामा कर दिया कि उसके पास एक सांप आ गया है, लेकिन केतन को घाटी में धकेलने की प्लानिंग नाकाम रही. बाद में 18 जून को सिया के बर्थडे से एक दिन पहले वह केतन को एक बार फिर लोहागढ़ किले ले गई. पुलिस का दावा है कि चेतन चौधरी के साथ मिलकर उसने केतन को चट्टान से नीचे धकेल दिया गया.

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पिता ने बयां किया दर्द, बोले- बेटा कोहिनूर था

केतन के पिता विशाल अग्रवाल से जब बात की गई तो उन्होंने कहा कि 26 साल का बेटा गुजर गया, ये दुख समंदर से बड़ा है. मेरा बेटा मेरे बुढापे का सहारा था, मेरा वंशज था. विशाल अग्रवाल ने कहा कि मेरी चिता को वही मुखाग्नि देने वाला था. आज वही चला गया. मेरा सब खत्म हो गया. उन्होंने बताया कि केतन पढ़ाई में होशियार था. उसने यूएस से एमबीए किया था. इसके बाद वह मेरे बिजनेस में ही हाथ बंटा रहा था. बेटा मेरे लिए कोहिनूर था, जिसे धोखे से मार दिया.

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