महाराष्ट्र के जालना में गणेशोत्सव को लेकर बाजार और मूर्तिकारों की कार्यशालाओं में रौनक बढ़ गई है. गणेश आगमन में अब महज नौ दिन बाकी हैं, ऐसे में अंबड़ तालुका के मठ पिंपलगांव में मूर्तिकार श्रीनिवास ढवलमपुरे और उनका परिवार दिन-रात गणेश प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में जुटा है. मूर्तियों पर रंगरोगन और सजावट के साथ फिनिशिंग का काम तेजी से चल रहा है.
श्रीनिवास ढवलमपुरे पिछले करीब आठ वर्षों से आकर्षक गणेश प्रतिमाएं बना रहे हैं. खास बात यह है कि यह कारोबार उनके परिवार में तीन पीढ़ियों से चला आ रहा है. उनके दादा ने इसकी शुरुआत की थी, जिसके बाद उनके पिता और अब श्रीनिवास इस पारंपरिक व्यवसाय को आगे बढ़ा रहे हैं.
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गणेशोत्सव से करीब छह महीने पहले ही प्रतिमाएं बनाने का काम शुरू हो जाता है. सबसे पहले मूर्तियों का ढांचा तैयार किया जाता है. इसके बाद बारीकी से काम करते हुए उन्हें अलग-अलग आकार, मुद्रा और डिजाइन दिए जाते हैं. अब त्योहार करीब आने के साथ रंगरोगन और अंतिम सजावट का काम तेजी से पूरा किया जा रहा है.
भोलेनाथ पैटर्न की मूर्तियों की सबसे ज्यादा मांग
इस साल श्रीनिवास ढवलमपुरे ने गणेश भक्तों के लिए कई आकर्षक पैटर्न तैयार किए हैं. इनमें राधाकृष्ण, भोलेनाथ, मयूरासन, कस्तुभमणि, मुंबई का मानाचा गणपती और सरकार जैसे डिजाइन शामिल हैं. अलग-अलग मुद्राओं और आकर्षक रूप वाली इन प्रतिमाओं को देखने के लिए भी लोगों की दिलचस्पी बनी हुई है.
इन सभी डिजाइनों में भोलेनाथ पैटर्न की गणेश प्रतिमाओं की सबसे ज्यादा मांग देखने को मिल रही है. इसके अलावा बड़े आकार की मूर्तियों को लेकर भी भक्तों में खास उत्साह है. श्रीनिवास के मुताबिक, गणेश भक्तों के बीच बड़ी और आकर्षक प्रतिमाओं की मांग लगातार बढ़ रही है.
इस बार यहां 10 इंच से लेकर साढ़े 13 फीट तक की गणेश प्रतिमाएं तैयार की गई हैं. तीन फीट की मूर्तियों की कीमत करीब चार हजार रुपये से शुरू होती है. आकार और डिजाइन के हिसाब से कीमत बढ़ती जाती है और इस साल करीब 50 हजार रुपये तक की प्रतिमाएं भी तैयार की गई हैं.
बढ़े दाम के बावजूद 95 फीसदी मूर्तियों की बुकिंग
गणेश प्रतिमाओं की कीमत इस बार पिछले साल के मुकाबले बढ़ी है. इसके बावजूद बिक्री को लेकर मूर्तिकारों को अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है. अब तक करीब 95 फीसदी मूर्तियों की बुकिंग पूरी हो चुकी है. इससे श्रीनिवास ढवळमपुरे काफी उत्साहित और संतुष्ट हैं.
प्रतिमाओं को तैयार करने में श्रीनिवास को परिवार के सदस्यों का भी पूरा सहयोग मिल रहा है. परिवार के लोग मिलकर मूर्तियों की सजावट, रंगरोगन और फिनिशिंग का काम कर रहे हैं. करीब छह महीने से चल रही मेहनत अब अंतिम पड़ाव पर है और हर प्रतिमा को बप्पा के आगमन से पहले तैयार करने की कोशिश की जा रही है.
श्रीनिवास ढवलमपुरे की तैयार की गई गणेश प्रतिमाएं अंबड़ तालुका के मठ पिंपलगांव फाटे पर बिक्री के लिए उपलब्ध हैं. इसके अलावा जालना जिले के अलग-अलग हिस्सों में भी इन मूर्तियों की बिक्री की जाती है. भक्त अपनी पसंद के आकार और डिजाइन के मुताबिक प्रतिमाएं बुक कर रहे हैं.
बप्पा के स्वागत से पहले अंतिम रंग देने में जुटा परिवार
गणेश आगमन में अब सिर्फ नौ दिन बाकी हैं. ऐसे में मूर्तिकारों के सामने समय कम और काम अधिक है. कार्यशाला में छोटी से लेकर साढ़े 13 फीट तक की प्रतिमाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है. रंगों और सजावट के जरिए भगवान गणेश की प्रतिमाओं को आकर्षक रूप देने का काम लगातार जारी है.
श्रीनिवास और उनका परिवार छह महीने की मेहनत के बाद अब प्रतिमाओं की अंतिम फिनिशिंग में जुटा है. हर मूर्ति के आकार, डिजाइन और बारीकियों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि भक्तों को पसंद के मुताबिक सुंदर प्रतिमा मिल सके.
जालना में गणेशोत्सव की तैयारियां अब अंतिम दौर में पहुंच चुकी हैं. भोलेनाथ पैटर्न की बढ़ती मांग, बड़े आकार की प्रतिमाओं का क्रेज और 95 फीसदी बुकिंग पूरी होने से मूर्तिकारों में उत्साह है. गणेश आगमन से पहले श्रीनिवास और उनका परिवार अपनी छह महीने की मेहनत को बप्पा के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार करने में जुटा हुआ है.
गौरव विजय साली