मुंबई में IIT बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोड़े की मौत का मामला अब बॉम्बे हाईकोर्ट पहुंच गया है. छात्र के माता-पिता रवींद्र और सोनाली वाकोड़े ने अपने 20 वर्षीय बेटे की मौत की निष्पक्ष जांच कराने के लिए अदालत में याचिका दाखिल की है. उन्होंने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) या विशेष जांच दल (SIT) से मामले की जांच कराने की मांग की है. याचिका पर सोमवार को सुनवाई के लिए उल्लेख किए जाने की संभावना है.
याचिका में माता-पिता ने आरोप लगाया है कि उनके बेटे को जातिगत अपमान और भेदभाव का सामना करना पड़ा था, जिसके बाद उसने 18 सितंबर को आत्महत्या कर ली. अधिवक्ता हितेंद्र गांधी के माध्यम से दाखिल याचिका में कहा गया है कि पुलिस इस मामले की गंभीरता के अनुरूप जांच नहीं कर रही है.
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माता-पिता ने अदालत से जांच की निगरानी किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश से कराने की भी मांग की है. उनकी शिकायत के आधार पर पवई पुलिस पहले ही आत्महत्या के लिए उकसाने और अन्य संबंधित अपराधों के तहत मामला दर्ज कर चुकी है.
CCTV फुटेज सुरक्षित रखने और गवाहों की सुरक्षा की मांग
याचिका में अदालत से IIT प्रशासन को 18 सितंबर के दिन की सभी सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने का निर्देश देने की मांग की गई है. इसके अलावा संस्थान के उन छात्रों और शिक्षकों को प्रभावित करने या उन पर दबाव डालने से रोकने की भी अपील की गई है, जिन्होंने घटना वाले दिन की परिस्थितियों को देखा था.
साहिल वाकोड़े IIT बॉम्बे में बीटेक के दूसरे वर्ष का छात्र था. 20 वर्षीय साहिल की 18 सितंबर को मौत हो गई थी. उसके माता-पिता का आरोप है कि कुछ फैकल्टी सदस्यों और परीक्षा के दौरान मौजूद निरीक्षक ने उसके खिलाफ जातिसूचक टिप्पणियां की थीं. इसी अपमान से परेशान होकर उसने अपनी जान दे दी.
परिजनों ने अपनी याचिका में साहिल के IIT में दाखिला लेने के बाद हॉस्टल में कमरा आवंटित होने से जुड़ी एक घटना का भी जिक्र किया है. उनके मुताबिक, साहिल अपने कमरे में डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर का चित्र लगाना चाहता था, लेकिन उसके रूममेट्स ने उसे ऐसा नहीं करने की सलाह दी थी.
प्रोफेसर और परीक्षा निरीक्षक पर जातिगत टिप्पणी का आरोप
याचिका के अनुसार, रूममेट्स ने साहिल से कहा था कि आंबेडकर का चित्र लगाने पर उसे जातिगत भेदभाव का सामना करना पड़ सकता है. इसके बाद साहिल ने अपने माता-पिता को इस बारे में बताया. परिजनों ने भी उसे किसी तरह के विवाद से बचने के लिए तस्वीर नहीं लगाने की सलाह दी थी.
माता-पिता ने आरोप लगाया है कि साहिल को प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला की ओर से भी जातिगत टिप्पणियों का सामना करना पड़ रहा था. याचिका में यह भी कहा गया है कि 18 सितंबर को जिस परीक्षा के दौरान साहिल की मौत हुई, उसमें प्रोफेसर डूला ही निरीक्षक की भूमिका में थे.
अब माता-पिता ने बॉम्बे हाईकोर्ट से पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित कराने की अपील की है. उनकी मांग है कि जांच CBI या SIT को सौंपी जाए और इसकी निगरानी सेवानिवृत्त न्यायाधीश करें.
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