'मेरे बेटे को मारा गया..', IIT बॉम्बे में छात्र की मौत पर मां का आरोप, क्राइम ब्रांच को सौंपी गई जांच

आईआईटी बॉम्बे के 22 वर्षीय छात्र साहिल वाकोडे की कैंपस में मौत के बाद उसकी मां ने प्रताड़ना और हत्या का आरोप लगाया है. पुलिस ने साहिल के पिता की शिकायत पर आत्महत्या के लिए उकसाने समेत कई धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

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IIT बॉम्बे के सेकेंड ईयर बैच के छात्र साहिल वाकोडे ने कैंपस में सुसाइड कर लिया था IIT बॉम्बे के सेकेंड ईयर बैच के छात्र साहिल वाकोडे ने कैंपस में सुसाइड कर लिया था

दीपेश त्रिपाठी

  • मुंबई,
  • 19 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 10:35 PM IST

IIT बॉम्बे के 22 वर्षीय छात्र साहिल रवींद्र वाकोडे की कैंपस में मौत के मामले में उसकी मां ने गंभीर आरोप लगाए हैं. साहिल की मां ने दावा किया कि उनके बेटे को 'प्रताड़ित किया गया और मारा गया'. वहीं, साहिल के पिता की शिकायत के आधार पर मुंबई पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी, जिससे 

आईआईटी बॉम्बे स्टूडेंट सुसाइड केस मुंबई क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर किया गया

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साहिल की मां ने शनिवार को पत्रकारों से कहा, 'मेरे बेटे को मारा गया और प्रताड़ित किया गया. हमें न्याय चाहिए.'

मुंबई पुलिस के DCP दत्त नलावडे ने बताया कि साहिल के पिता की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया है. उन्होंने बताया कि आत्महत्या के लिए उकसाने समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है. साहिल के पिता ने अपनी शिकायत में कई लोगों के नाम दिए हैं और उन सभी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है.

DCP ने कहा कि IIT पवई में बीटेक सेकेंड ईयर के छात्र की मौत के बाद उसके पिता की शिकायत पर केस दर्ज किया गया है और आगे की जांच की जा रही है. उन्होंने कहा कि पुलिस मामले की सभी पहलुओं से जांच करेगी.

महाराष्ट्र के यवतमाल जिले का रहने वाला था साहिल

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साहिल IIT बॉम्बे के एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग में बीटेक सेकेंड ईयर का छात्र था. वह महाराष्ट्र के यवतमाल जिले का रहने वाला था. शुक्रवार शाम साहिल अपने हॉस्टल के कमरे में पंखे से लटका मिला था. साहिल की मौत से कुछ घंटे पहले परीक्षा के दौरान उसे मोबाइल फोन इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया था. IIT बॉम्बे के मुताबिक, साहिल ने सवालों के जवाब जानने के लिए प्रश्नपत्र को ChatGPT पर अपलोड किया था.

हालांकि, संस्थान का कहना है कि इस मामले में साहिल के खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू नहीं की गई थी. IIT बॉम्बे के मुताबिक, इंस्ट्रक्टर और विभागाध्यक्ष ने साहिल से इस बारे में बातचीत की थी और उसकी काउंसलिंग भी की थी. उसे आश्वासन दिया गया था कि इस घटना का उसके अकादमिक करियर पर कोई असर नहीं पड़ेगा.

इसके बाद साहिल अपने हॉस्टल के कमरे में लौट गया था. शाम को हॉस्टल के अन्य छात्रों ने पाया कि वह कोई जवाब नहीं दे रहा है. इसके बाद अधिकारियों को सूचना दी गई और फिर पुलिस को बुलाया गया. पुलिस को कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया.

छात्रों ने लगाया सस्पेंड करने की धमकी का आरोप

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साहिल की मौत के बाद IIT बॉम्बे कैंपस में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारी छात्रों ने आरोप लगाया कि परीक्षा में मोबाइल इस्तेमाल करते पकड़े जाने के बाद साहिल को सस्पेंड करने की धमकी दी गई थी. छात्रों ने मामले की पारदर्शी जांच की मांग करते हुए IIT बॉम्बे के डायरेक्टर शिरीष केदारे के इस्तीफे की भी मांग की. हालांकि, IIT बॉम्बे ने इन आरोपों के बीच दोहराया कि साहिल के खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू नहीं की गई थी. संस्थान ने साहिल की मौत पर दुख जताते हुए कहा कि मामले की परिस्थितियों की जांच संबंधित अधिकारी कर रहे हैं.

IIT बॉम्बे के पवई कैंपस में पिछले सात महीनों में छात्र की आत्महत्या का यह तीसरा मामला बताया गया है. फरवरी में सेकेंड ईयर के एक छात्र की हॉस्टल में मौत हुई थी, जबकि जुलाई में 20 वर्षीय बीटेक सेकेंड ईयर के एक छात्र ने आत्महत्या कर ली थी.
 

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