पुणे के केतन अग्रवाल हत्याकांड मामले में वडगांव मावल कोर्ट में आरोपी मंगेतर सिया, उसके बॉयफ्रेंड चेतन के खिलाफ 5 हजार से ज्यादा पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है. आरोपियों में चेतन का दोस्त रितेश भी शामिल है. आरोपियों ने साजिश के तहत 'माही' नाम की एक फर्जी इंस्टाग्राम आईडी बनाई और उसी के जरिए केतन को लोहगढ़ आने के लिए तैयार किया था.
पुलिस की चार्जशीट के अनुसार, आरोपियों ने 'माही' नाम की एक महिला के नाम से एक फेक इंस्टाग्राम अकाउंट बनाया और उसका इस्तेमाल केतन से बातचीत करने के लिए किया. उसे सिया का जन्मदिन सरप्राइज के तौर पर मनाने के बहाने लोहगढ़ बुलाया गया था. पुलिस का आरोप है कि इसके बाद आरोपियों ने केतन को एक खाई में धकेल दिया, जिससे उनकी मौत हो गई.
परिवार के विरोध के बाद बनाई 'माही' नाम की फेक आईडी
पुलिस अधीक्षक संदीपसिंह गिल की देखरेख में की गई इस जांच में डिजिटल, साइबर, तकनीकी और फोरेंसिक सबूत शामिल हैं. चार्जशीट के अनुसार, केतन के परिवार ने 18 जून को उनके दोबारा लोहगढ़ जाने पर आपत्ति जताई थी, क्योंकि वह पहले ही 14 जून को किले जा चुके थे.
इसके बाद आरोपियों ने केतन से बातचीत करने के लिए 'माही' की फेक इंस्टाग्राम प्रोफाइल का इस्तेमाल किया और ऐसा दिखाया कि वह सिया की दोस्त है. उसे जन्मदिन के सरप्राइज सेलिब्रेशन के लिए सिया के साथ लोहगढ़ जाने के लिए मनाया गया, जहां हत्या को अंजाम दिया गया. इसके बाद आरोपियों ने फेक इंस्टाग्राम अकाउंट डिलीट कर दिया.
पुलिस का यह भी आरोप है कि हत्या की योजना बनाते समय हुई बातचीत और कॉल रिकॉर्ड भी डिलीट कर दिए गए थे. हालांकि, जांचकर्ताओं ने डिजिटल फोरेंसिक तकनीकों का इस्तेमाल करके डिलीट किया गया डेटा रिकवर कर लिया.
रिकवर किए गए डेटा में आरोपियों के बीच बातचीत, कथित योजना का विवरण और उनकी गतिविधियों की जानकारी शामिल है. चार्जशीट में मेडिकल और पोस्टमार्टम रिपोर्ट, आरोपी की गतिविधियों का विश्लेषण, चाल-ढाल का विश्लेषण, क्राइम सीन का री-कंस्ट्रक्शन, CCTV फुटेज, मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड, WhatsApp और अन्य चैट, डिजिटल डेटा और फोरेंसिक जांच रिपोर्ट शामिल हैं.
पुलिस ने डिजिटल सबूतों पर खास जोर दिया है. आरोपी की गतिविधियों और बातचीत का पता लगाने के लिए उनके मोबाइल फोन से निकाले गए डेटा, CDR, WhatsApp बातचीत, तस्वीरों और तकनीकी विश्लेषण रिपोर्ट की जांच की गई.
हत्या से पहले लोनावला में रेकी
जांच में यह भी पता चला है कि हत्या से पहले आरोपी ने लोनावला में कई जगहों की रेकी की थी. पुलिस के अनुसार, 21 मई को आरोपी टाइगर पॉइंट और अन्य ऊंची जगहों और घाटियों पर गए थे. इसके बाद, 31 मई को सिया कथित तौर पर चेतन को लोहागढ़ ले गई. पुलिस को शक है कि इसी यात्रा के दौरान, उस जगह की पहचान की गई और उसे फाइनल किया गया जहां से केतन को कथित तौर पर घाटी में धकेला जाना था.
ओमकार