महाराष्ट्र की सियासत में दिलचस्प तस्वीर, मंच पर CM देवेंद्र फडणवीस के साथ दिखे उद्धव-राज ठाकरे

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस गुरुवार को मुंबई में एक किताब के विमोचन कार्यक्रम में शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और मनसे प्रमुख राज ठाकरे के साथ एक मंच पर नजर आए. फडणवीस ने कहा कि अलग-अलग दलों के नेताओं का एक साथ कार्यक्रम में शामिल होना महाराष्ट्र की राजनीतिक परंपरा है.

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2019 के चुनाव के बाद सीएम पद को लेकर बीजेपी और अविभाजित शिवसेना के बीच मतभेद हो गए थे. (Photo- Screengrab) 2019 के चुनाव के बाद सीएम पद को लेकर बीजेपी और अविभाजित शिवसेना के बीच मतभेद हो गए थे. (Photo- Screengrab)

aajtak.in

  • मुंबई,
  • 29 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 10:26 PM IST

महाराष्ट्र की राजनीति में गुरुवार को एक दिलचस्प नजारा देखने को मिला. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे एक किताब के विमोचन कार्यक्रम में एक साथ मंच पर नजर आए. इस दौरान फडणवीस ने मुंबई में कार्टूनिस्टों के लिए एक विशेष गैलरी बनाने की पहल करने का ऐलान किया.

75 कार्टूनिस्टों के काम और उनकी प्रोफाइल पर आधारित किताब ‘महाराष्ट्राची हास्यरेषा’ के विमोचन कार्यक्रम में फडणवीस ने कहा कि अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेताओं का एक मंच पर आना कोई हैरानी की बात नहीं है. यह महाराष्ट्र की राजनीतिक परंपरा का हिस्सा है.

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कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा, 'मुझे नहीं पता कि कुछ लोग हमें एक मंच पर देखकर हैरान क्यों हुए. हम हैरान नहीं हैं. यह महाराष्ट्र की राजनीतिक परंपरा है. अलग-अलग पार्टियों के नेता एक कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं, साथ हंस सकते हैं और चाय भी पी सकते हैं.'

उन्होंने उद्धव ठाकरे का जिक्र करते हुए कहा, '2019 तक जब भी उद्धव जी मुझे बुलाते थे, मैं जाता था. 2019 के बाद उन्होंने फोन नहीं किया. मैं इंतजार कर रहा था.'

इस दौरान राज ठाकरे ने कहा कि लोग सोच रहे होंगे कि तीनों नेता आज एक मंच पर कैसे आ गए. कुछ मंच ऐसे होते हैं, जहां सभी लोग राजनीति को अलग रखकर एक साथ आते हैं. ऐसे कार्यक्रमों में राजनीति के बजाय कला और संस्कृति पर चर्चा होती है.

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इस दौरान राज ठाकरे ने कहा कि लोग सोच रहे होंगे कि तीनों नेता आज एक मंच पर कैसे आ गए. कुछ मंच ऐसे होते हैं, जहां सभी लोग राजनीति को अलग रखकर एक साथ आते हैं. ऐसे कार्यक्रमों में राजनीति के बजाय कला और संस्कृति पर चर्चा होती है. इस तरह के मंचों पर अलग-अलग राजनीतिक विचारधारा वाले लोगों का साथ आना स्वाभाविक है. किताब के विमोचन का यह कार्यक्रम भी कला और कार्टून की दुनिया से जुड़ा था.

बता दें कि 2019 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद मुख्यमंत्री पद साझा करने को लेकर बीजेपी और अविभाजित शिवसेना के बीच मतभेद हो गए थे. इसके बाद दोनों पुराने सहयोगी अलग हो गए और एक-दूसरे के राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी बन गए.

मुंबई में बनेगी कार्टूनिस्टों के लिए खास गैलरी

मुख्यमंत्री फडणवीस ने मुंबई में कार्टूनिस्टों के लिए एक विशेष गैलरी बनाने की पहल करने की बात कही. उन्होंने कहा कि इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाने के लिए वह राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे का भी सहयोग लेंगे. इस गैलरी में कार्टूनिस्टों की कलाकृतियों को प्रदर्शित किया जा सकेगा.

फडणवीस ने कार्टून बनाने की कला की तारीफ करते हुए कहा कि एक कार्टून भी संपादकीय की तरह किसी मुद्दे को प्रभावी ढंग से सामने रख सकता है. उन्होंने कहा कि संपादकीय किसी विषय को विस्तार से समझाता है, जबकि एक कार्टून उसी बात को प्रभावी तरीके से बता सकता है.

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'नेताओं पर कार्टून बनें तो बुरा न मानें'

फडणवीस ने कहा कि कार्टूनिस्ट अक्सर नेताओं को अपने कार्टून का विषय बनाते हैं. ऐसे में नेताओं को बुरा मानने के बजाय उनका आनंद लेना चाहिए. उन्होंने कहा कि मराठी कार्टूनिस्टों ने महाराष्ट्र की राजनीति और समाज में हुए अहम बदलावों को लगातार दर्ज किया है. उनके कार्टून राजनीतिक माहौल को दिखाने के साथ असहमति और आलोचना जाहिर करने का माध्यम भी रहे हैं.

मुख्यमंत्री ने किताब के संपादक प्रशांत कुलकर्णी और ग्रंथाली संस्था को इस संग्रह के लिए बधाई दी. उन्होंने कहा कि पुरानी कार्टून कलाकृतियों को उनके ऐतिहासिक संदर्भों के साथ सहेजना महत्वपूर्ण है.

कार्यक्रम के दौरान फडणवीस ने राज ठाकरे की कार्टून बनाने की कला का भी जिक्र किया. उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि अगर राज ठाकरे कभी उनका कार्टून बनाएं, तो उनकी नाक थोड़ी बड़ी बनाएं.

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