महाराष्ट्र में चुनाव आयोग के खिलाफ उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के विरोध मार्च को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दोनों नेताओं पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि यह मार्च अपनी खोई हुई जमीन वापस हासिल करने की कोशिश है. फडणवीस ने दावा किया कि काफी प्रचार के बावजूद मार्च में लोगों की मौजूदगी कम रही.
उद्धव ठाकरे की शिवसेना यूबीटी और राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना की तरफ से यह मार्च मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर निकाला गया था. दोनों नेता दक्षिण मुंबई में मेट्रो सिनेमा से बीएमसी मुख्यालय तक मार्च में शामिल हुए. कांग्रेस और शरद पवार गुट के एनसीपी के भी कई नेता इसमें शामिल हुए.
‘गजनी की तरह हो गए हैं’
महाराष्ट्र सीएम देवेंद्र फडणवीस ने दोनों नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा, "वे गजनी की तरह हो गए हैं." उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार 2025 में मुख्य चुनाव आयुक्त बने, जबकि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 में हुए थे और एसआईआर यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन 2026 में शुरू हुआ. उन्होंने सवाल किया कि 2026 के एसआईआर और 2025 में मुख्य चुनाव आयुक्त बने व्यक्ति का असर 2024 में हुए चुनावों पर कैसे हो सकता है. फडणवीस ने इसी को आधार बनाकर उद्धव और राज ठाकरे पर निशाना साधा.
‘जनता ने नकारा तो चुनाव आयोग पर गुस्सा’
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि दोनों नेता ऐसी बातें कह रहे हैं जिनमें कोई भरोसा नहीं है. उन्होंने कहा कि झूठ बोलते समय कम से कम उसे विश्वसनीय दिखाने की कोशिश तो होनी चाहिए, लेकिन यहां खुले तौर पर गलत बातें कही जा रही हैं.
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फडणवीस ने कहा कि जब जनता ने उन्हें नकार दिया है तो वे अपनी हताशा चुनाव आयोग के खिलाफ निकाल रहे हैं. उन्होंने मार्च को राजनीतिक तौर पर अपनी जमीन वापस हासिल करने की कोशिश बताया और कहा कि इसके बावजूद विरोध प्रदर्शन में अपेक्षित भीड़ नहीं जुटी.
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