साइरस मिस्त्री एक्सीडेंट: घायल अनाहिता पंडोले 108 दिन बाद अस्पताल से डिस्चार्ज, अब इन 4 धाराओं में चलेगा केस

पालघर जिले में चार सितंबर को हुई दुर्घटना में अनाहिता अपने पति डेरियस पंडोले के साथ गंभीर रूप से घायल हो गई थीं. उन्हें सर एचएन रिलायंस फाउंडेशन अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां 108 दिनों के इलाज के बाद उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया.

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अनाहिता पंडोले अनाहिता पंडोले

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 23 दिसंबर 2022,
  • अपडेटेड 2:56 PM IST

टाटा संस के पूर्व चेयरमैन साइरस मिस्त्री की सड़क हादसे में मौत के मामले में आरोपी स्त्री रोग विशेषज्ञ (Gynaecologist) डॉक्टर अनाहिता पंडोले को दुर्घटना के 108 दिनों बाद अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया. उनके खिलाफ चार धाराओं में मामला दर्ज किया गया था और अब उन्हें केस का सामना करना पड़ेगा.

अनाहिता (55) उस मर्सिडीज बेंज कार को चला रही थीं, जिसके दुर्घटनाग्रस्त होने पर उद्योगपति साइरस मिस्त्री और उनके बहनोई जहांगीर पंडोले की मौत हो गई थी. हादसे में अनाहिता पंडोले भी घायल हो गई थीं.

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पालघर जिले में चार सितंबर को हुई दुर्घटना में अनाहिता अपने पति डेरियस पंडोले के साथ गंभीर रूप से घायल हो गई थीं. उन्हें सर एचएन रिलायंस फाउंडेशन अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां 108 दिनों के इलाज के बाद उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया.

अस्पताल की ओर से जारी बयान में कहा गया कि हफ्तों भर के इलाज, कई सर्जरी और रिहैब के बाद आखिरकार डॉ. अनाहिता के स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है. 

पालघर पुलिस ने नवंबर में डॉ. अनाहिता के खिलाफ मामला दर्ज किया था. उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 304 (ए), 279, 337 और मोटर वाहन एक्ट के तहत केस चलेगा. इन मामलों में दोषी पाए जाने पर उन्हें दो साल तक की जेल हो सकती है.

पालघर पुलिस के मुताबिक, दुर्घटना के वक्त मर्सिडीज बेंज चला रहीं डॉक्टर अनाहिता पंडोले ने अपनी सीट बेल्ट ठीक से नहीं लगा रखी थी. मालूम हो कि मिस्त्री (54) और उनके दोस्त जहांगीर पंडोले की चार सितंबर, 2022 को मुंबई से सटे पालघर में मुंबई-अहमदाबाद राजमार्ग पर कार दुर्घटना में मौत हो गई थी. दोनों मर्सिडीज कार की पिछली सीट पर बैठे थे, जबकि अनाहिता कार चला रही थीं और उनके पति डेरियस पंडोले भी अगली सीट पर बैठे थे. सभी अहमदाबाद से मुंबई लौट रहे थे.

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दो साल में ओवर स्पीड के सात चालान हुए

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि अनाहिता पंडोले का ट्रैफिक नियम तोड़ने का इतिहास रहा है. 2020 से अब तक कई बार ओवर-स्पीडिंग के लिए उनके चालान काटे जा चुके हैं. पालघर के पुलिस अधीक्षक बालासाहेब पाटिल ने कहा, 'डॉ. अनाहिता कम से कम सात बार तेज रफ्तार गाड़ी चलाते हुए स्पीड कैमरों में पकड़ी जा चुकी हैं.' उन्होंने कहा कि ये घटनाएं 2020 से लेकर सितंबर 2022 में दुर्घटना के दिन तक की हैं. पुलिस ने कहा कि उनके खिलाफ ई-चालान को अब चार्जशीट का हिस्सा बनाया जाएगा.

नवंबर में अनाहिता के खिलाफ दर्ज हो गया था केस

पाटिल ने कहा कि पालघर पुलिस स्थानीय कोर्ट में इस हफ्ते के अंत तक मामले में चार्जशीट दाखिल करेगी. नवंबर में अनाहिता के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था. महिला के खिलाफ आईपीसी की धारा 304 (ए) (उतावलेपन और लापरवाही से मौत का कारण), 279 (सार्वजनिक सड़क पर तेज गति से गाड़ी चलाना) और 337 (जीवन को खतरे में डालने और दूसरों की व्यक्तिगत सुरक्षा के लिए मौत का कारण) के तहत केस दर्ज किया गया है.

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