33 हजार फीट पर बने रियल हीरो, मुंबई में लगे पोस्टर, दुनिया भर में कैप्टन स्मित की चर्चा

फ्लाईदुबई के कैप्टन स्मित मच्छार ने 33 हजार फीट की ऊंचाई पर पैदा हुए संकट के बीच विमान को सुरक्षित रखने में अहम भूमिका निभाई. फ्लाईदुबई के कैप्टन स्मित मच्छार ने 33 हजार फीट की ऊंचाई पर पैदा हुए संकट के बीच विमान को सुरक्षित रखने में अहम भूमिका निभाई. घायल स्मित का सऊदी अरब के तबुक में इलाज हुआ है. मुंबई स्थित उनके परिवार से स्थानीय भाजपा पार्षद सुषम सावंत ने मुलाकात कर हर संभव मदद का भरोसा दिया और उनकी वापसी पर स्वागत की बात कही.

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कॉकपिट में दिखाई बहादुरी, मुंबई में लगे कैप्टन स्मित के पोस्ट.  (Photo: ITG) कॉकपिट में दिखाई बहादुरी, मुंबई में लगे कैप्टन स्मित के पोस्ट. (Photo: ITG)

दीपेश त्रिपाठी

  • मुंबई ,
  • 01 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 5:08 PM IST

हजार फीट की ऊंचाई पर पैदा हुए संकट के दौरान स्मित मच्छार गंभीर रूप से घायल हो गए, लेकिन उन्होंने विमान का कंट्रोल अपने हाथ से नहीं जाने दिया. उनकी बहादुरी की चर्चा अब उनके मुंबई स्थित घर और सोसायटी तक पहुंच गई है. स्मित मच्छार के शौर्य गाथा वाले पोस्टर उनकी सोसायटी समेत आसपास की अन्य जगहों पर भी लगाए गए हैं. उनकी सोसायटी में रहने वाले लोग उनके साहस पर गर्व जता रहे हैं और उनके जल्द ठीक होने की प्रार्थना कर रहे हैं. सोसायटी के लोगों ने स्मित की वापसी पर उनका जोरदार स्वागत करने की भी तैयारी की है.

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इसी बीच स्थानीय लोक प्रतिनिधि और भाजपा पार्षद सुषम सावंत स्वास्तिक हाइट्स सोसायटी पहुंचीं. उन्होंने सोसायटी के लोगों और स्मित मच्छार के परिवार से मुलाकात की. उन्होंने परिवार को भरोसा दिया कि उन्हें जिस भी तरह की मदद की जरूरत होगी, वह मुहैया कराने की कोशिश की जाएगी. साथ ही उन्होंने स्मित के वापस लौटने पर उनका जोरदार स्वागत करने की बात कही.

बचपन से था पायलट बनने का सपना

कैप्टन स्मित मच्छार को विमान उड़ाने का 13 साल से ज्यादा का कमर्शियल अनुभव है. उनके पास बोइंग 737 फ्लीट पर करीब 9,750 घंटे का उड़ान अनुभव है. उनकी लिंक्डइन प्रोफाइल के मुताबिक, वह जून 2022 से फ्लाईदुबई के बोइंग 737 बेड़े में कैप्टन हैं. स्मित ने 2011 में कमर्शियल फ्लाइट उड़ाना शुरू किया था. बचपन से ही उनका सपना पायलट बनने का था. उनकी पहली फ्लाइट बेंगलुरु से दिल्ली की थी. इसके बाद उन्होंने विमानन क्षेत्र में अपना करियर आगे बढ़ाया.

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बुधवार को फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 दुबई से तेल अवीव की ओर जा रही थी. विमान में 174 लोग सवार थे. भारतीय पायलट स्मित मच्छार और ओमान के को-पायलट विमान की कमान संभाल रहे थे. फ्लाइट के टेक-ऑफ के बाद करीब 33 हजार फीट की ऊंचाई पर कॉकपिट में स्थिति बिगड़ गई. दिए गए विवरण के मुताबिक, ओमान के को-पायलट ने विमान का कंट्रोल अपने हाथ में लेने की कोशिश की. इसी दौरान उसने भारतीय पायलट स्मित मच्छार पर कई बार चाकू से हमला किया. स्मित बुरी तरह घायल हो गए और खून से लथपथ हो गए. इसके बावजूद उन्होंने विमान का कंट्रोल अपने हाथ से जाने नहीं दिया. इसी दौरान विमान की ऊंचाई तेजी से नीचे आने लगी. बताया गया कि फ्लाइट करीब 30 सेकंड में 33 हजार फीट से 17 हजार फीट नीचे आ गई.

सबसे मुश्किल स्थिति में भी स्मित मच्छार कॉकपिट में डटे रहे. उन्होंने ओमान के को-पायलट को विमान का कंट्रोल लेने से रोकने की कोशिश जारी रखी. इसी दौरान एयर ट्रैफिक कंट्रोल को स्थिति की जानकारी देने के लिए ट्रांसपोंडर पर पहले 7700 कोड और उसके बाद 7500 कोड भेजा गया. स्क्वॉक 7700 का इस्तेमाल विमान में गंभीर आपात स्थिति की जानकारी देने के लिए किया जाता है. वहीं 7500 कोड विमान में हाईजैक या गैरकानूनी हस्तक्षेप जैसी स्थिति का संकेत देता है. इन कोड के सामने आने के बाद शुरुआत में फ्लाइट के हाईजैक होने की जानकारी सामने आई. बाद में फ्लाइट की सुरक्षित लैंडिंग और यात्रियों से मिली जानकारी के बाद कॉकपिट में हुए संघर्ष की तस्वीर सामने आई.

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स्मित मच्छार के बचपन के दोस्त प्रतीक गांधी ने उन्हें बचपन से ही शांत और समझदार बताया. उन्होंने बताया कि दोनों बचपन में साथ क्रिकेट खेलते थे. गांधी के मुताबिक, घटना की खबर मिलने के बाद सोसायटी के लोग काफी परेशान हो गए थे. स्मित के परिवार के पड़ोसी भी लगातार उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंतित हैं. स्वास्तिक हाइट्स में रहने वाले लोगों ने बताया कि वे परिवार के साथ खड़े हैं और स्मित के ठीक होकर लौटने का इंतजार कर रहे हैं. 

सोसायटी के चेयरमैन अशोक मकवाना और स्मित के पिता उपेंद्र के करीबी दोस्त लक्ष्मीकांत जोशी भी परिवार के साथ खड़े रहे. पड़ोसियों ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने परिवार को एयरपोर्ट जाने में मदद की. उनके सामान को नीचे लाया गया और कार तक पहुंचाया गया. स्थानीय निवासी अक्षय दोशी परिवार को एयरपोर्ट लेकर गए. सोसायटी के लोगों का कहना है कि स्मित की वापसी पर उनका भव्य स्वागत किया जाएगा. उनके लिए लगाए गए पोस्टर भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं.

सऊदी अरब में चल रहा इलाज

स्मित मच्छार मुंबई के रहने वाले हैं और घटना के बाद उनकी सर्जरी हुई है. सऊदी अरब में भारतीय अधिकारियों के मुताबिक, उनका इलाज तबुक के एक अस्पताल में चल रहा है. भारतीय अधिकारी उनके परिवार और सऊदी अधिकारियों के संपर्क में हैं और परिवार को हर संभव मदद उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है. स्मित की बहादुरी की चर्चा देश और विदेश में भी हुई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू समेत कई लोगों ने उनके साहस की तारीफ की है. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी उन्हें सच्चा हीरो बताया और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की.

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स्मित ने 2007-08 में वेलिंगकर इंस्टीट्यूट से ऑनलाइन मैनेजमेंट डिग्री भी की थी. संस्थान की ओर से भी उनकी बहादुरी की सराहना की गई है. फिलहाल स्मित मच्छार का इलाज सऊदी अरब में चल रहा है. मुंबई में उनके परिवार, दोस्तों और पड़ोसियों को उनके लौटने का इंतजार है. सोसायटी में लगे पोस्टर और उनके स्वागत की तैयारी इस बात का संकेत है कि लोग उनकी वापसी को यादगार बनाने की तैयारी में हैं.

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