कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संयोजक अभिजीत दिपके ने शुक्रवार को छत्रपति संभाजीनगर में अपने घर पर सुरक्षा के लिए तैनात पुलिस सब-इंस्पेक्टर (PSI) से बहस की और मांग की कि उस अधिकारी को ड्यूटी से हटा दिया जाए.
दिपके ने आरोप लगाया कि PSI लोगों को उनसे मिलने से रोक रहे थे और आने वालों के साथ बदतमीजी से पेश आ रहे थे. यह घटना शहर के वालुज MIDC इलाके में दिपके के घर पर हुई.
दिपके के मुताबिक, धमकियों और वहां जमा होने वाली भीड़ को संभालने के लिए उनके घर पर सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए थे. उन्होंने दावा किया कि PSI उनसे मिलने आने वाले लोगों की एंट्री को कंट्रोल और मॉनिटर करने की कोशिश कर रहा था.
दिपके और अधिकारी के बीच हुई बातचीत के वीडियो, साथ ही एक सीनियर पुलिस अधिकारी के साथ फोन पर हुई बातचीत के वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए और खूब शेयर किए गए.
एक वीडियो में, दिपके को अधिकारी के बर्ताव पर आपत्ति जताते और आने वालों को रोकने के उसके अधिकार पर सवाल उठाते हुए सुना जा सकता है.
उन्होंने सादे कपड़ों में मौजूद PSI से कहा, 'जब मैं लोगों को अपने घर बुला रहा हूं, तो उन्हें अंदर आने देने में क्या दिक्कत है? आप दिल्ली पुलिस जैसा बर्ताव क्यों कर रहे हैं? आज तक कोई दिक्कत नहीं हुई, मैं आपको पहली बार देख रहा हूं. आप (पुलिस) मुझे यह नहीं बताएंगे कि मुझे किससे मिलना चाहिए और किससे नहीं.'
इसके बाद दिपके ने अधिकारी से घर से बाहर जाने को कहा, 'आप कृपया बाहर जाइए, मुझे आप अपने घर में नहीं चाहिए.'
एक और वीडियो में, CJP के फाउंडर फोन पर एक सीनियर पुलिस अधिकारी से बात करते और अपनी शिकायत दोहराते हुए दिख रहे हैं. कॉल के दौरान दिपके ने कहा, 'सुरेश नाम का एक PSI यहां आया है और वह मुझसे मिलने आने वाले लोगों के साथ बहुत बदतमीजी कर रहा है. वह लोगों को बाहर जाने के लिए कह रहा है. क्या यह जानबूझकर किया जा रहा है? मुझे वह नहीं चाहिए, उसे यहां से हटा दीजिए.'
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्य के क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) के कर्मचारी सादे कपड़ों में उनके घर के पास मौजूद थे.
दिपके ने दावा किया, 'एक रिपोर्टर ने मुझे बताया कि मेरे घर के पास कुछ CID वाले दिखे थे. जब पुलिस ने उन्हें हटाने की कोशिश की, तो उन्होंने बताया कि वे CID से हैं. रिपोर्टर ने यह भी देखा कि CID के एक कर्मचारी के फोन पर एक WhatsApp ग्रुप खुला था और उसका नाम 'Hit Spray' था. रिपोर्टर ने मुझे बताया कि वे यहां से अपनी रिपोर्ट भेज रहे थे.'
पुलिस अधिकारियों ने इन आरोपों पर तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं दी. पुलिस उपायुक्त पंकज अतुलकर, जिनके अधिकार क्षेत्र में वालुज MIDC आता है, से टिप्पणी के लिए संपर्क नहीं हो सका.
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