प्रमोशन में अारक्षण: सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के फैसले पर रोक लगाई

सर्वोच्च अदालत के फैसले के बाद फिलहाल न तो प्रमोशन पा चुके कर्मचारियों को निचली पदों पर वापस भेज जाएगा और न ही अन्य एससी/एसटी कर्मचारियों को रिजर्वेशन का लाभ देकर प्रमोट किया जाएगा.

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नई दिल्ली स्थि‍त सुप्रीम कोर्ट नई दिल्ली स्थि‍त सुप्रीम कोर्ट

स्‍वपनल सोनल

  • नई दिल्ली,
  • 12 मई 2016,
  • अपडेटेड 8:02 PM IST

सुप्रीम कोर्ट ने प्रमोशन में रिजर्वेशन पाने वाले मध्य प्रदेश के हजारों सरकारी कर्मचारियों को फौरी राहत दी है. अदालत ने उनका प्रमोशन वापस लिए जाने के मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के फैसले पर यथास्थिति कायम रखने का निर्देश दिया है.

सर्वोच्च अदालत के फैसले के बाद फिलहाल न तो को निचली पदों पर वापस भेज जाएगा और न ही अन्य एससी/एसटी कर्मचारियों को रिजर्वेशन का लाभ देकर प्रमोट किया जाएगा.

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सितंबर के आख‍िरी हफ्ते में सुनवाई!
इसके साथ ही कोर्ट ने हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ दाखिल मध्य प्रदेश सरकार की याचिका पर प्रतिपक्षियों को नोटिस भी जारी किया है. कोर्ट ने फिलहाल यथास्तिथि कायम रखने का आदेश देते हुए सुनवाई सितंबर के तीसरे हफ्ते तक टाल दी.

हाई कोर्ट ने रद्द किया था कानून
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने 30 अप्रैल 2016 को एससी/एसटी को प्रमोशन में रिजर्वेशन देने वाला मध्य प्रदेश सरकार का कानून 'मध्य प्रदेश पब्लिक सर्विस रूल 2002' को रद्द कर दिया था. इसके साथ ही इस नियम का लाभ लेकर प्रमोशन पा चुके कर्मचारियों को वापस निचले पद पर नियुक्त करने का निर्देश दिया था.

हाई कोर्ट के इस फैसले से करीब 30 हजार कर्मचारी प्रभावित हो रहे हैं. जबकि फैसले के खिलाफ मध्य प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी लगाकर राहत की मांग की थी.

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