नितिन गडकरी बोले- ठेकेदारों ने गड़बड़ी की तो रोड रोलर के नीचे दबा दूंगा

केंद्रीय मंत्री गडकरी ने चीनी मिलों को घाटे का धंधा बताते हुए कहा कि हम मजबूरी में ये मिल चला रहे हैं अगर बंद कर देंगे तो बीजेपी चार लोकसभा चुनाव हार जाएगी.

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नितिन गडकरी (फाइल फोटो) नितिन गडकरी (फाइल फोटो)

अनुग्रह मिश्रा

  • बैतूल,
  • 18 मई 2018,
  • अपडेटेड 7:38 AM IST

केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी एक बार फिर से अपने विवादित बयान के चलते चर्चा में हैं. उन्होंने बैतूल में एक जनसभा में कहा कि मैंने सड़के के ठेकेदारों को बोल के रखा है कि गड़बड़ी की तो बुलडोज़र के नीचे गिट्टी की जगह तुम्हें दबा दूंगा.

मध्यप्रदेश के बैतूल में तेंदू पत्ता संग्राहक और असंगठित मजदूर सम्मलेन में शामिल हुए केंद्रीय मंत्री ने भ्रष्टाचार के खिलाफ ठेकेदारों को धमकी भरा बयान दिया. उन्होंने कहा, 'सड़क निर्माण के ठेकेदार मेरे पास दिल्ली नहीं आते. मैं सीधा कहता हूं काम ठीक करो और अगर गड़बड़ी की तो बुलडोज़र के नीचे गिट्टी की जगह आपको डाल दूंगा.'

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चीनी मिल घाटे का सौदा

केंद्रीय मंत्री गडकरी ने चीनी मिलों को घाटे का धंधा बताते हुए कहा कि हम मजबूरी में ये मिल चला रहे हैं अगर बंद कर देंगे तो बीजेपी चार लोकसभा चुनाव हार जाएगी.

इस कार्यक्रम में मौजूद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री जन कल्याण योजना के तहत पैदा होने से अंतिम सांस तक बीजेपी सरकार गरीबों के साथ खड़ी है. शिवराज सिंह ने गरीब महिलाओं को चप्पल पहनाई और कन्याओं के पैर धोए.

शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री जन कल्याण योजना की घोषणा करते हुए कहा कि इस श्रेणी में जो भी परिवार आएगा, ऐसी माताओं-बहनों के गर्भावस्था में 4 हजार रुपये खाते में डाले जाएंगे ताकि मां और बच्चे का अच्छे से पोषण हो सके और बच्चे के पैदा होने पर 12 हजार रुपये दोबारा डाले जाएंगे.

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सीएम शिवराज ने कहा कि असंगठित श्रमिक परिवारों से बिजली बिल फिक्स 200 रुपये महीना लिया जाएगा, इस साल जुलाई से ये योजना भी लागू करेंगे इन परिवारों का सरकार कराएगी. चौहान ने कहा कि दुर्घटना में किसी की मृत्यु होगी तो ऐसे परिवारों को 4 लाख रुपये दिए जाएंगे.

पेशाब से सिंचाई की सलाह

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी इससे पहले भी ऐसा विवादित बयान दे चुके हैं. पौधों की बेहतर परवरिश के लिए उन्होंने पानी की बजाय पेशाब से सींचने की सलाह दी है. गडकरी ने मई 2015 को नागपुर में कहा कि वह अपने दिल्ली आवास में लंबे समय से इस थैरेपी का इस्तेमाल कर रहे हैं.

केंद्रीय मंत्री ने कहा, 'मैं हर दिन करीब 50 लीटर पेशाब इक्ट्ठा करता हूं. फिर इनका इस्तेमाल मेरे दिल्ली आवास में लगे पौधों को सींचने के लिए किया जाता है.' गडकरी का कहना है कि यह 'पेशाब चिकित्सा विधि‍' बहुत कारगर है और साधारण पानी के मुकाबले पौधों को ज्यादा स्वस्थ बनाती हैं.

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