झारखंड के रामगढ़ में करीब 40 हाथियों के झुंड ने कोयला खदानों के आसपास डेरा डाल दिया है. हाथियों की मौजूदगी से खदान कर्मियों और ग्रामीणों में दहशत का माहौल है. स्थिति को देखते हुए सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) की कुजू क्षेत्र की खदानों में सतर्कता बढ़ा दी गई है.
CCL के कुजू एरिया के महाप्रबंधक आरके सिन्हा ने बताया कि कर्मा, आरा और सरूबेरा परियोजनाओं के लिए अलर्ट जारी किया गया है. खासतौर पर रात की शिफ्ट में काम करने वाले कर्मचारियों को अतिरिक्त सतर्क रहने को कहा गया है.
यह भी पढ़ें: झारखंड के रामगढ़ में बड़ा हादसा, प्लांट के कंट्रोल रूम में लगी आग, 3 इंजीनियरों की गई जान
वन विभाग के रेंज ऑफिसर बटेश्वर पासवान के नेतृत्व में शनिवार रात क्विक रिस्पॉन्स टीम ने हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ने का प्रयास किया. हालांकि, हाथियों का झुंड कर्मा परियोजना के पास जंगल में ही डेरा डाले हुए है और खदान की ओर बढ़ने की आशंका बनी हुई है.
खदान के पास डेरा, गांवों में भी खतरा
वन विभाग के अधिकारी के मुताबिक, हाथियों का झुंड फिलहाल इंसानी आबादी वाले क्षेत्र और कोयला खदान के बेहद करीब मौजूद है. टीम की कोशिश है कि उन्हें सुरक्षित वन क्षेत्र की तरफ ले जाया जाए, ताकि इंसानों और हाथियों के बीच टकराव की स्थिति पैदा न हो.
कुजू का कोयला क्षेत्र घने जंगलों के करीब है. यहां पिछले कुछ महीनों में मानव-हाथी संघर्ष की घटनाएं सामने आती रही हैं. हाथियों की आवाजाही को देखते हुए खदान प्रबंधन और वन विभाग लगातार निगरानी कर रहे हैं.
CCL ने कर्मा, आरा और सरूबेरा परियोजनाओं में विशेष सतर्कता बरतने को कहा है. रात की शिफ्ट में तैनात कर्मचारियों को हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने और सावधानी से काम करने के निर्देश दिए गए हैं.
पहले भी हाथियों ने ली कई लोगों की जान
रामगढ़ के कुजू कोल बेल्ट में मानव-हाथी संघर्ष का पुराना इतिहास रहा है. दिसंबर 2025 में आरा क्षेत्र में हाथियों के हमले में चार लोगों की मौत हुई थी. इसके अलावा कर्मा परियोजना के पास सुगिया गांव में एक ग्रामीण को हाथियों ने कुचलकर मार डाला था.
इन घटनाओं के बाद खदानों और आसपास के इलाकों में हाथियों की मौजूदगी को लेकर सुरक्षा को लेकर विशेष सावधानी बरती जा रही है. मौजूदा समय में वन विभाग की टीम झुंड की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है और उसे खदानों तथा आबादी से दूर रखने की कोशिश कर रही है.
फिलहाल, करीब 40 हाथियों का झुंड कर्मा परियोजना के आसपास जंगल में मौजूद है. वन विभाग और CCL की निगरानी के बीच सबसे बड़ी चुनौती यह है कि झुंड खदान क्षेत्र या आबादी की ओर न बढ़े और किसी तरह का मानव-हाथी संघर्ष न हो.
aajtak.in