झारखंड के कोडरमा जिले के लोचनपुर में नाबालिगों से जुड़ा एक मामला सामने आने के बाद गांव में जमकर बवाल हुआ. एक नाबालिग लड़की से मिलने उसके दो नाबालिग साथी उसके घर पहुंचे थे. सोमवार सुबह ग्रामीणों को इसकी जानकारी मिली तो वे लड़की के घर पहुंच गए. वहां तीनों नाबालिगों को कथित तौर पर आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ लिया गया. इसके बाद मामला सिर्फ तीनों को पकड़ने तक नहीं रुका. ग्रामीणों ने तीनों नाबालिगों को पूरे गांव में घुमाया. इसके बाद गांव के बीचों-बीच बिजली के खंभे से रस्सी के सहारे बांध दिया गया. ग्रामीणों ने उनकी पिटाई की और उनसे माफी भी मंगवाई. साथ ही भविष्य में इस तरह की घटना नहीं करने की हिदायत दी गई.
मिली जानकारी के अनुसार, नाबालिग लड़की के पिता कहीं दूसरी जगह काम करते हैं, जबकि उसकी मां अपने मायके गई हुई थी. घटना के समय लड़की घर पर अकेली थी. ग्रामीणों का आरोप है कि दोनों नाबालिग लड़के उससे मिलने के लिए लगातार दो-तीन दिनों से उसके घर आ रहे थे. ग्रामीणों का कहना था कि इस तरह की घटना से गांव का माहौल खराब होता है. उनका यह भी आरोप था कि इससे पढ़ाई-लिखाई करने वाले छात्र-छात्राओं के बीच गलत संदेश जाता है और गांव के युवक-युवतियों पर इसका बुरा असर पड़ सकता है.
ग्रामीणों की कार्रवाई पर गांव में दो तरह की राय
तीनों नाबालिगों को ग्रामीणों द्वारा इस तरह सजा दिए जाने के बाद मामले को लेकर अलग-अलग राय सामने आई. कुछ लोगों ने ग्रामीणों की कार्रवाई को सही बताया, जबकि कुछ लोगों ने इसे कानून का उल्लंघन माना. मामले की जानकारी पुलिस तक पहुंची तो कोडरमा पुलिस गांव पहुंची. पुलिस ने ग्रामीणों के कब्जे से नाबालिगों को छुड़ाया और उन्हें थाने ले गई. शुरुआती जानकारी में कोडरमा एसपी कुमार शिवशीष ने बताया था कि दोनों नाबालिग लड़कों से पूछताछ की जा रही है. नाबालिग युवती के परिजनों की ओर से आवेदन मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की बात कही गई थी.
मामले ने उस समय और गंभीर रूप ले लिया, जब नाबालिगों को बांधकर रखने और उनके साथ मारपीट की घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने लगा. पुलिस ने नाबालिगों के साथ इस तरह का व्यवहार किए जाने और उनकी पहचान सार्वजनिक किए जाने को गंभीरता से लिया. कोडरमा पुलिस ने मामले में 100 से 150 अज्ञात ग्रामीणों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है. पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के खिलाफ POCSO एक्ट, IT एक्ट और भारतीय कानून की विभिन्न सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. पुलिस के अनुसार, कोडरमा थाना के पुलिस अवर निरीक्षक रोहित सिंह के स्वतः संज्ञान और आवेदन पर यह कार्रवाई की गई. पुलिस अब वायरल वीडियो के आधार पर भीड़ में शामिल लोगों की पहचान करने और उनकी गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है.
दूसरी तरफ, इस मामले में नाबालिग लड़की की मां के बयान के आधार पर दोनों लड़कों के खिलाफ अलग प्राथमिकी दर्ज कराई गई है. इसमें जबरन घर में घुसने और दुष्कर्म के आरोप लगाए गए हैं. पुलिस इस मामले की भी जांच कर रही है. इस तरह एक ही घटना में पुलिस के सामने दो अलग-अलग पहलू सामने आए हैं. एक तरफ नाबालिग लड़की की मां की शिकायत पर दोनों लड़कों के खिलाफ गंभीर आरोपों में मामला दर्ज किया गया है, वहीं दूसरी तरफ तीनों नाबालिगों को कथित तौर पर बंधक बनाने, मारपीट करने और वीडियो प्रसारित करने को लेकर ग्रामीणों के खिलाफ कार्रवाई की गई है.
कोडरमा एसपी ने स्पष्ट किया कि तीनों पीड़ित नाबालिग हैं. कानून के तहत किसी भी नाबालिग की पहचान उजागर करना, उनका वीडियो प्रसारित करना और उन्हें शारीरिक प्रताड़ना देना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है. पुलिस ने इसी आधार पर POCSO और IT एक्ट की सख्त धाराओं के तहत कार्रवाई की है. पुलिस अब वायरल वीडियो को भी जांच का हिस्सा बना रही है. वीडियो के जरिए उन लोगों की पहचान की जा रही है, जो नाबालिगों को पकड़ने, उन्हें खंभे से बांधने और मारपीट करने की घटना में शामिल बताए जा रहे हैं.
एक घटना, दो FIR और अब पुलिस की जांच
लोचनपुर का यह मामला अब दो अलग-अलग प्राथमिकी और पुलिस जांच के बीच पहुंच गया है. नाबालिग लड़की की मां की शिकायत पर दो लड़कों के खिलाफ केस दर्ज है, जबकि नाबालिगों को कथित तौर पर बंधक बनाने, मारपीट करने और वीडियो वायरल करने के मामले में 100 से 150 अज्ञात ग्रामीणों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है. पुलिस अब दोनों मामलों की जांच कर रही है. एक तरफ लड़कों पर लगाए गए आरोपों की जांच होगी, वहीं दूसरी तरफ वायरल वीडियो और अन्य जानकारी के आधार पर उन ग्रामीणों की पहचान की जाएगी, जिन्होंने कथित तौर पर कानून अपने हाथ में लिया. मामले में पुलिस ने साफ किया है कि किसी भी अपराध की स्थिति में कानून अपने हाथ में लेकर नाबालिगों को सजा देना स्वीकार्य नहीं है. पुलिस की जांच आगे बढ़ने के साथ यह स्पष्ट होगा कि घटना में कौन-कौन लोग शामिल थे और दोनों मामलों में आरोपों की वास्तविक स्थिति क्या है.
विश्वजीत कुमार