Ground Report: कटऑफ में गड़बड़ी, OMR शीट में हेरफेर... रांची में जारी 'जंतर-मंतर' जैसे प्रोटेस्ट की वजह क्या है

रांची के जयपाल सिंह स्टेडियम में JPSC और JSSC में भ्रष्टाचार के खिलाफ छात्र आंदोलन जोर पकड़ रहा है. छात्र नेता आमरण अनशन पर बैठ चुके हैं और सरकार को जागने का संदेश दे रहे हैं.

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रांची के जयपाल सिंह स्टेडियम में छात्र JPSC की गड़बड़ियों को लेकर धरने पर हैं, रविवार शाम छात्रों ने मशाल जुलूस निकाला रांची के जयपाल सिंह स्टेडियम में छात्र JPSC की गड़बड़ियों को लेकर धरने पर हैं, रविवार शाम छात्रों ने मशाल जुलूस निकाला

सत्यजीत कुमार

  • रांची,
  • 03 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 7:48 AM IST

दिल्ली के जंतर मंतर के तरह ही रांची में चल रहा JPSC और JSSC के खिलाफ जारी प्रदर्शन अब बड़े आंदोलन का आकार लेता जा रहा है. यहां भी एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की तरह एक छात्र नेता आमरण अनशन पर बैठ चुके हैं. रात भर आंदोलन कर रहे प्रोटेस्टर्स ने कहा कि बेरोजगारी ने उनकी नींद पहले ही उड़ा दी है अब वो सरकार को जगा के लिए जाग रहे है.

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रांची के जयपाल सिंह स्टेडियम में जेपीएससी और JSSC में corruption के खिलाफ छात्रों का आंदोलन 'राउंड दी क्लॉक' चल रहा है. बिजली चमके या फिर आंधी आए छात्र अब जाग गए है और सरकार को भी नींद से जगाने के संकल्प ले चुके हैं. इनका साफ कहना है कि बरसात में आसमान में बादल छाए रहते है लेकिन करप्शन के ग्रहण के कारण झारखंड के छात्रों के भविष्य पर ही काले घने बादल मंडरा रहे है और अब जबतक बदल छटेंगे नहीं आंदोलन चलता रहेगा.

आंधी-बारिश के बीच भी डटे हुए हैं छात्र 

आजतक संवाददाता जब रात 10 बजे आंदोलन स्थल जयपाल सिंह स्टेडियम पहुंचे तो प्रोटेस्टर जबरदस्त जोश में नारेबाजी करते दिखे. उनसे जब पूछा गया कि वो आराम कब करते और सोते कैसे हैं तो उनका जवाब था कि बेरोजगारी ने उनके रात के नींद और दिन का चैन कब का छीन लिया है. अब इसलिए वो रात में जगकर सरकार को भी नींद से जगाने की जुगत में है.

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आंदोलन अब जंतर मंतर जैसा ही रूप लेता जा रहा है. यहां भी छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो सोनम वांगचुक पार्ट-2 बन चुके हैं. सरकार को जगाने के लिए वो अब आमरण अनशन शुरू कर चुके हैं और तबतक अनशन पर रहेंगे जबतक 14th जेपीएससी रद्द नहीं हो जाता है और दोषियों को सलाखों के पीछे डाल नहीं दिया जाता .

पंडाल में यहां के स्थानीय भाषा में नारे भी लगाए जा रहे थे कि यहां के छात्रों को भी नौकरी चाहिए .वो मुर्गी और बकरी पालन करना नहीं चाहते है. देर रात नारेबाजी से और बरसात समेत कड़कते बिजली की परवाह किए बगैर छात्रों का जज्बा ये बताने के लिए काफी है कि the Josh is really very high.

क्यों आंदोलन कर रहे हैं छात्र?

झारखंड की राजधानी रांची में जारी छात्रों के प्रदर्शन और आंदोलन की वजह क्या है, इस पर भी एक नजर डाल लेते हैं. इस पूरे विवाद की मुख्य वजह 14वीं सिविल सर्विसेज परीक्षा का प्रीलिम्स रिजल्ट है.

छात्रों का कहना है कि पासिंग मार्क्स (कट-ऑफ) तय करने में भारी गड़बड़ी हुई और मेरिट लिस्ट पर जिम्मेदार अफसरों के दस्तखत तक नहीं थे. साथ ही, OMR शीट में भी हेरफेर के आरोप लग रहे हैं. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि परीक्षा कराने का ठेका लखनऊ की जिस 'TDPL' कंपनी को दिया गया, उसे महज एक महीने पहले ही राज्य में ब्लैकलिस्ट किया गया था.

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हालांकि सरकार के कहने पर CID मामले की जांच कर रही है, लेकिन छात्र केंद्रीय एजेंसियों से निष्पक्ष जांच कराने पर अड़े हैं. धरने पर बैठे युवाओं का कहना है कि सिर्फ सीआईडी जांच से न्याय नहीं मिलेगा. उनका दावा है कि पहले भी ऐसे मामलों में जांच हुई, लेकिन कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया.  

बड़ी संख्या में आंदोलन में शामिल युवा किसान और साधारण परिवारों से आते हैं. उनका कहना है कि वे किसी की दया नहीं, बल्कि अपनी मेहनत के दम पर निष्पक्ष मौका चाहते हैं. इसके अलावा, छात्र OMR शीट में 'Not Attempted' (अटेम्प्ट नहीं किया) का पांचवां विकल्प जोड़ने की मांग भी कर रहे हैं. उनका कहना है कि इससे भविष्य में OMR शीट से छेड़छाड़ की आशंका कम होगी.

मुद्दे पर राजनीति भी तेज

छात्र आंदोलन के बीच झारखंड की राजनीति भी गरमा गई है. मुख्यमंत्री आवास पर 'इंडिया' गठबंधन के विधायकों की बैठक हुई. बैठक के बाद प्रदीप यादव ने कहा कि सभी विधायक एकजुट हैं और सीएम हेमंत सोरेन के नेतृत्व पर भरोसा जताया है. दूसरी तरफ बाबूलाल मरांडी ने छात्रों का समर्थन करते हुए सरकार से CBI जांच कराने की मांग की है. उनका कहना है कि युवाओं के भविष्य से जुड़े इस मामले में निष्पक्ष जांच होनी चाहिए.

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यह भी पढ़ेंः जंतर-मंतर के बाद अब रांची में होगा CJP का प्रदर्शन? अभिजीत दिपके बोले- झारखंड के छात्रों को हमारा सपोर्ट  

छात्रों को मिला CJP का साथ

JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी के खिलाफ धरने पर बैठे छात्रों को अब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का भी साथ मिल गया है. CJP संस्थापक अभिजीत दिपके ने आंदोलन कर रहे छात्रों से बात करने की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि CJP झारखंड के छात्रों के सपोर्ट में है और उनकी मांगों का समर्थन करती है. 

छात्रों ने किया मशाल मार्च

बता दें कि रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में करीब एक हफ्ते से छात्र अनिश्चितकालीन सत्याग्रह पर बैठे हैं. झारखंड पब्लिक सर्विस कमीशन (JPSC) और झारखंड स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (JSSC) परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के आरोपों को लेकर हजारों युवा सड़कों पर उतर चुके हैं. इसी सिलसिले में छात्रों ने रविवार को हाथों में जलती मशालें लेकर विशाल मार्च निकाला. अभ्यर्थियों का साफ कहना है कि जब तक पूरे मामले की CBI जांच का फैसला नहीं होगा, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा.

दिपके ने क्या कहा?

छात्रों को अपना समर्थन देते हुए अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया पर लिखा कि उन्होंने झारखंड में आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों से बात की है. उन्होंने कहा कि CJP इस लड़ाई में पूरी तरह छात्रों के साथ है और उनकी सभी जायज मांगों का समर्थन करती है. वहीं, CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर की. उन्होंने लिखा कि उनका संगठन झारखंड के युवाओं के साथ मजबूती से खड़ा है.

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