Target Killings in Kashmir: कश्मीर में खौफ का माहौल... 26 दिन में आतंकियों की गोली के शिकार बने 10 परिवारों की कहानी

Target Killings in Kashmir: कश्मीर घाटी में टारगेट किलिंग्स का सिलसिला जारी है. सरकारी कर्मचारी, प्रवासी मजदूर, टीवी आर्टिस्ट, बैंक मैनेजर को आतंकी अपना निशाना बना रहे हैं.

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दहशत फैलाने के लिए आतंकी चर्चित चेहरों और सरकारी कर्मचारियों को निशाना बना रहे हैं. (फाइल फोटो) दहशत फैलाने के लिए आतंकी चर्चित चेहरों और सरकारी कर्मचारियों को निशाना बना रहे हैं. (फाइल फोटो)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 03 जून 2022,
  • अपडेटेड 12:27 PM IST
  • गुरुवार को आतंकियों ने दो की हत्या की
  • गैर-कश्मीरी टारगेट किलिंग के हो रहे शिकार

Target Killings in Kashmir: कश्मीर में फिर से हालात बिगड़ने शुरू हो गए हैं. आतंकी लगातार आम नागरिकों को निशाना बना रहे हैं, खासकर उन्हें जो गैर-कश्मीरी और गैर-मुस्लिम हैं. कश्मीरी पंडितों को घाटी छोड़ने या मरने के लिए तैयार रहने की धमकी दी जा रही है. 26 दिन में टारगेट किलिंग की 10 घटनाएं सामने आने के बाद अब वहां से पलायन भी शुरू हो गया है. 

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लगातार हो रही टारगेट किलिंग की घटनाओं से कश्मीरी हिंदुओं में इस बात का डर है कि 'पता नहीं, कौन, कब, कहां से गोली मार दे.' सुरक्षाबल मुस्तैद है. कई आतंकी मारे भी जा चुके हैं, लेकिन बावजूद इसके टारगेट किलिंग की घटनाएं नहीं रुक रहीं हैं.

गुरुवार को एक ही दिन में तीन लोगों को टारगेट किया गया. इनमें से दो की मौत हो गई. सुबह कुलगाम में राजस्थान के रहने वाले विजय कुमार की आतंकियों ने गोली मारकर हत्या कर दी. शाम को बड़गाम में ईंट भट्टे में काम कर रहे दो प्रवासी मजदूरों पर गोलियां चला दीं, जिसमें एक की मौत हो गई. 

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26 दिन में जिन 10 की हत्या हुई, वो कौन थे?

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पहली हत्या

- तारीखः 7 मई
- किसकी हत्या हुईः गुलाम हसन डार
- कौन थेः पुलिस कॉन्स्टेबल
- कैसे हत्या हुईः गुलाम हसन डार अपनी बाइक से जा रहे थे. जब वो श्रीनगर के डॉ. अली जन रोड के ऐवा ब्रिज के पास पहुंचे, तो आतंकियों ने उन पर गोलियां चला दीं. डार को घायल हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई. आतंकियों ने जब उन पर गोलियां चलाईं, तब वो निहत्थे थे.

गुलाम हसन डार की बहन. (फाइल फोटो-PTI)

दूसरी हत्या

- तारीखः 9 मई
- किसकी हत्या हुईः अज्ञात
- कौन थेः आम नागरिक
- कैसे हत्या हुईः शोपियां के पंडोशन इलाके में आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ चल रही थी. आतंकियों ने फायरिंग कर दी. इस फायरिंग में एक नागरिक की मौत हो गई. फायरिंग में एक जवान भी घायल हो गया.

तीसरी हत्या

- तारीखः 12 मई
- किसकी हत्या हुईः रेयाज अहमद ठोकर
- कौन थेः पुलिस कॉन्स्टेबल
- कैसे हत्या हुईः रेयाज अहमद ठोकर पुलवामा जिले के गुडूरा गांव के रहने वाले थे. रेयाज को आतंकियों ने उनके घर के पास ही गोली मार दी थी. उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.

चौथी हत्या

- तारीखः 12 मई
- किसकी हत्या हुईः राहुल भट्ट
- कौन थेः राजस्व अधिकारी
- कैसे हत्या हुईः आतंकियों ने बड़गाम के चडूरा इलाके में तहसीलदार दफ्तर में घुसकर उनकी हत्या कर दी थी. 36 साल के राहुल भट्ट कश्मीरी पंडित थे. 

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राहुल भट्ट के पिता के आंसू पोंछती छोटी बच्ची. (फाइल फोटो-PTI)

पांचवीं हत्या

- तारीखः 17 मई
- किसकी हत्या हुईः रंजीत सिंह
- कौन थेः अज्ञात
- कैसे हत्या हुईः बाइक सवार दो आतंकियों ने बारामूला के दीवान बाग स्थित एक वाइन शॉप पर ग्रेनेड फेंक दिया. इस हमले में रंजीत सिंह की मौत हो गई. रंजीत जम्मू के राजौरी जिले के रहने वाले थे. 

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छठी हत्या

- तारीखः 24 मई
- किसकी हत्या हुईः सैफुल्लाह कादरी
- कौन थेः पुलिस अफसर
- कैसे हत्या हुईः श्रीनगर के सौरा इलाके में आतंकियों ने पुलिस अफसर सैफुल्लाह कादरी पर गोलियां चला दीं. इस हमले में उनकी मौत हो गई. आतंकियों के इस हमले में उनकी 7 साल की बेटी भी घायल हो गई थी.

सातवीं हत्या

- तारीखः 25 मई
- किसकी हत्या हुईः अमरीन भट्ट
- कौन थींः कश्मीरी टीवी एक्ट्रेस
- कैसे हत्या हुईः 35 साल की अमरीन भट्ट टीवी आर्टिस्ट थीं. बड़गाम में लश्कर-ए-तैयबा के तीन आतंकियों ने घर में घुसकर गोली मारकर उनकी हत्या कर दी थी. उनके 10 साल के भतीजे को भी गोली मार दी थी.

अमरीन भट्ट. (फाइल फोटो)

आठवीं हत्या

- तारीखः 31 मई
- किसकी हत्या हुईः रजनी बाला
- कौन थींः स्कूल टीचर 
- कैसे हत्या हुईः रजनी बाला कुलगाम के गोपालपुर के एक सरकारी स्कूल में टीचर थीं. आतंकियों ने स्कूल में घुसकर उन्हें गोली मार दी थी. आतंकियों ने आकर उनसे नाम पूछा और फिर गोली मार दी. रजनी बाला पलायन को 2009 में पीएम पैकेज के तहत नौकरी मिली थी. 

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रजनी बाला की 13 साल की बेटी. (फाइल फोटो-PTI)

नौवीं हत्या

- तारीखः 2 जून
- किसकी हत्या हुईः विजय कुमार
- कौन थेः बैंक में मैनेजर
- कैसे हत्या हुईः 29 साल के विजय कुमार राजस्थान के हनुमानगढ़ के रहने वाले थे. वो कुलगाम में इलाकी देहाती बैंक में मैनेजर थे. एक आतंकी ने बैंक में घुसकर उन्हें गोली मार दी थी. उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनकी मौत हो गई. फरवरी में ही विजय कुमार की शादी हुई थी.

दसवीं हत्या

- तारीखः 2 जून
- किसकी हत्या हुईः दिलखुश कुमार
- कौन थेः प्रवासी मजदूर
- कैसे हत्या हुईः बड़गाम में ईंट भट्ठे में काम कर रहे प्रवासी मजदूर दिलखुश कुमार पर आतंकियों ने गोली चला दी. 17 साल के दिलखुश कुमार बिहार के अरनिया जिले के रहने वाले थे. आतंकियों के हमले में एक और प्रवासी मजदूरी गुरी भी घायल हुए थे.

 

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