उमर अब्दुल्ला सरकार पर संकट, नेशनल कॉन्फ्रेंस के 25 विधायकों ने दिया 14 दिनों का अल्टीमेटम

जम्मू-कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस के 25 असंतुष्ट विधायकों ने पार्टी नेतृत्व को 14 दिन का अल्टीमेटम दिया है. उन्होंने मौजूदा मंत्रियों को हटाने, नई कैबिनेट बनाने और अनुच्छेद 370 व 35A की बहाली के मुद्दे को मजबूती से उठाने की मांग की है.

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जम्मू-कश्मीर में NC के 25 बागी विधायकों ने उमर अब्दुल्ला सरकार को 14 दिन का अल्टीमेटम दिया.(Photo: PTI/File) जम्मू-कश्मीर में NC के 25 बागी विधायकों ने उमर अब्दुल्ला सरकार को 14 दिन का अल्टीमेटम दिया.(Photo: PTI/File)

मीर फरीद

  • श्रीनगर,
  • 01 नवंबर 2026,
  • अपडेटेड 10:18 PM IST

जम्मू-कश्मीर में उमर अब्दुल्ला सरकार के सामने संकट खड़ा होने का दावा किया जा रहा है. नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के 25 असंतुष्ट विधायकों के एक गुट ने पार्टी नेतृत्व को 14 दिन का अल्टीमेटम दिया है. सूत्रों के मुताबिक, इन विधायकों ने सरकार में बड़े बदलाव की मांग की है और चेतावनी दी है कि मांगें पूरी नहीं होने पर वे राजभवन का रुख कर सरकार से समर्थन वापस ले सकते हैं.

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बागी विधायकों की मांगों में मौजूदा सभी मंत्रियों को उनके पदों से हटाना और मुख्यमंत्री के सलाहकार को भी तत्काल हटाना शामिल है. इसके बाद पूरी तरह नई मंत्रिपरिषद बनाने की मांग की गई है. इसके लिए पूरे विधायक दल से चर्चा और पारदर्शी तरीके से मंत्रियों के चयन की बात कही गई है.

सूत्रों के मुताबिक, असंतुष्ट विधायक चाहते हैं कि सरकार में फैसले किसी चुनिंदा समूह के जरिए एकतरफा तरीके से न लिए जाएं. उनकी मांग है कि नई कैबिनेट के गठन में पूरी विधानसभा पार्टी से सलाह ली जाए और योग्यता के आधार पर जिम्मेदारी तय की जाए.

अनुच्छेद 370 और 35A को लेकर भी दबाव

बागी गुट ने सरकार से अपने चुनावी घोषणापत्र में किए गए वादों को मजबूती से उठाने की मांग की है. इसमें खास तौर पर अनुच्छेद 370, 35A और अन्य संवैधानिक सुरक्षा उपायों की पूर्ण बहाली के मुद्दे को केंद्र सरकार के सामने मजबूती से उठाने की बात शामिल है. सूत्रों के अनुसार, अगर 14 दिन की समय सीमा के भीतर इन मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाया गया तो बागी विधायक राजभवन मार्च कर उमर अब्दुल्ला सरकार से अपना समर्थन वापस लेने की घोषणा कर सकते हैं.

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अगा सैयद रुहुल्लाह के इस्तीफे का भी दबाव

NC के सामने एक और चुनौती श्रीनगर से लोकसभा सांसद अगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी के 3 नवंबर को इस्तीफा देने के ऐलान से जुड़ी है. उन्होंने पार्टी और लोकसभा सीट दोनों से इस्तीफा देने की बात कही है. रुहुल्लाह ने पार्टी नेतृत्व पर वैचारिक प्रतिबद्धताओं को कमजोर करने और 5 अगस्त 2019 के बाद किए गए संवैधानिक बदलावों को चुनौती देने के जनादेश से पीछे हटने का आरोप लगाया है. ऐसे में पार्टी नेतृत्व को बाहर से रुहुल्लाह के विरोध और भीतर से विधायकों की बगावत, दोनों का सामना करना पड़ रहा है.

25 विधायक समर्थन वापस लेते हैं तो क्या होगा?

जम्मू-कश्मीर की 90 सदस्यीय विधानसभा में NC के 41 विधायक बताए गए हैं. ऐसे में अगर 25 विधायक एकजुट होकर सरकार से समर्थन वापस लेते हैं तो उमर अब्दुल्ला सरकार के सामने बहुमत का संकट खड़ा हो सकता है. इससे सरकार का चलना मुश्किल हो सकता है. अब NC नेतृत्व के सामने 14 दिन के भीतर असंतुष्ट विधायकों को मनाने, सत्ता में बदलाव की मांगों पर रास्ता निकालने और सरकार को संभावित संकट से बचाने की चुनौती है.
 

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