हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश आफत बनकर बरस रही है. मंगलवार को सिरमौर जिले के कामरऊ गांव के पास बागनधार इलाके में हुए भीषण भूस्खलन में तीन लोगों की मौत हो गई. मृतकों में एक ट्रक चालक और दो नेपाली मजदूर शामिल हैं.
भारी बारिश के दौरान चूना पत्थर की एक खदान अचानक ढह गई, जिसके मलबे में दबने से तीनों की मौत हो गई. चश्मदीदों का कहना है कि हादसा उस वक्त हुआ जब चूना पत्थर से लदा एक ट्रक माइनिंग जोन से बाहर निकल रहा था.
घटनास्थल पर मौजूद सिलाई के SDM जसपाल ने बताया कि बारिश के बीच मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए राहत और बचाव कार्य जारी है.
स्कूल में फंसे 52 बच्चे और 12 टीचर सुरक्षित निकाले गए
सिरमौर जिले के ही नाहन में भारी बारिश के कारण मटार स्कूल में 52 छात्र और 12 स्टाफ सदस्य फंस गए थे. जिला प्रशासन और राहत टीमों ने घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया.
ट्रेन सेवाएं ठप, नेशनल हाईवे पर ट्रैफिक प्रभावित
बारिश और लैंडस्लाइड के कारण यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है. सोलन जिले में जाबली के पास कोटी में भूस्खलन होने से ऐतिहासिक 'शिमला-कालका हेरिटेज रेल लाइन' पर ट्रेनों की आवाजाही रोक दी गई है.
ओल्ड कसौली रोड पर टकसाल क्रॉसिंग पर जलभराव के कारण गाड़ियां ठप पड़ गईं. चंडीगढ़ और दिल्ली को शिमला से जोड़ने वाला 'शिमला-कालका राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-5)' भी मलबे के कारण बाधित हो गया. प्रशासन ने फोरलेन निर्माण कंपनी को हाईवे सुचारू रखने के निर्देश दिए हैं और सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है. कसौली के पास परवाणू में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं.
प्रदेश में 88 सड़कें बंद, मौसम विभाग का 'येलो अलर्ट'
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के मुताबिक, मंगलवार शाम तक राज्य की 88 सड़कें यातायात के लिए बंद हो चुकी हैं. सबसे ज्यादा प्रभाव मंडी (32 सड़कें), कुल्लू (25 सड़कें) और सिरमौर (10 सड़कें) में पड़ा है.
सोमवार शाम से नाहन में 122.4 मिमी, धर्मशाला में 100.2 मिमी और कसौली में 52 मिमी बारिश दर्ज की गई. मौसम विभाग के शिमला केंद्र ने अगले तीन दिनों के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है.
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30 जून को मानसून की शुरुआत से लेकर अब तक हिमाचल प्रदेश में बारिश से जुड़ी घटनाओं में 81 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि बुनियादी ढांचे को लगभग 1,001 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है.
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