हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने रविवार(16 अगस्त) को योग गुरु रामदेव के शिक्षा और भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों को लेकर दिए बयान पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि अगर रामदेव ने ऐसी बात कही है तो जरूर कुछ गलत है. सुक्खू ने रामदेव से भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन का नेतृत्व करने की भी बात कही.
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर मीडिया से बातचीत करते हुए सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश में पेपर लीक के मामलों का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि पेपर लीक में शामिल लोग और पेपर बेचने वाले अभी भी जेल में हैं. सुक्खू के अनुसार, उनकी सरकार के साढ़े तीन साल के कार्यकाल में कोई पेपर लीक नहीं हुआ है. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार के दौरान पुलिस भर्ती और चयन आयोग के पेपर बेचे गए थे. मुख्यमंत्री ने कहा कि पेपर लीक तभी होते हैं, जब ऊपर से निर्देश होते हैं.
वहीं, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने रामदेव के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें नहीं लगता कि स्थिति दिए गए आंकड़ों के अनुसार होगी. उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति कुछ राज्यों में हो सकती है. जयराम ठाकुर ने कहा कि भ्रष्टाचार खत्म होना चाहिए और रामदेव की भावना भी इसी दिशा में है.
क्या है पूरा मामला
दरअसल, शनिवार को रामदेव ने नरेंद्र मोदी सरकार को छात्र आंदोलनों को लेकर चेतावनी दी थी. उन्होंने कहा था कि अगर शिक्षा और भर्ती परीक्षाओं में हो रहे 'घपले' जल्द नहीं रोके गए तो आंदोलन और तेज हो सकता है और उन्हें फिर से विरोध प्रदर्शन करना पड़ सकता है.
रामदेव ने युवाओं से हिंसा और कानून व्यवस्था बिगाड़ने से दूर रहने की अपील की. उन्होंने कहा कि आंदोलन संविधान की सीमाओं के भीतर होना चाहिए. 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पतंजलि योगपीठ में मीडिया से बातचीत करते हुए रामदेव ने कहा कि देश में हर तरफ अव्यवस्था है. बच्चों की शिकायत है कि स्कूलों में शिक्षक नहीं हैं और बिजली, पानी व शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी है. उन्होंने कुछ जगह नकल, पेपर लीक और सरकारी नौकरी के इंटरव्यू में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों का भी जिक्र किया.
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