हिमाचल में बदला मौसम का मिजाज: साच पास पर हिमपात से बैरागढ़-किलाड़ मार्ग ठप, प्रशासन ने जारी की ट्रैवल एडवाइजरी

चंबा के साच पास में हुई ताजा बर्फबारी के बाद पूरा इलाका सफेद चादर से ढक गया. बर्फ की मोटी परत और फिसलन से सड़कें ढक गईं. खतरे को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से अपील की है, कि मौसम साफ होने के बाद ही घरों से निकलें.

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चंबा में बर्फबारी हुई (File Photo: ITG) चंबा में बर्फबारी हुई (File Photo: ITG)

विशाल आनंद

  • शिमला,
  • 07 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 4:16 PM IST

हिमाचल प्रदेश के चंबा की सबसे ऊंची और सबसे खतरनाक साच पास ने बर्फ की चादर ओढ़ ली. 14,500 फीट की ऊंचाई पर हुई ताजा बर्फबारी के बाद पूरा इलाका बर्फ से ढ़क गया. इसका नतीजा यह रहा कि बैरागढ़ से किलाड़ जाने वाला रास्ता ठप पड़ गया. इस सीजन में साच पास पर यह तीसरी बार बर्फ गिरी है. इस बार करीब 5 से 6 इंच की बर्फबारी दर्ज की गई.

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मंगलवार शाम से शुरू हुआ हिमपात देर रात तक चलता रहा और सुबह तक सड़क पर बर्फ की परत जम गई. साच पास चुराह उपमंडल में पड़ता है और यही रास्ता चंबा जिला मुख्यालय को जनजातीय क्षेत्र पांगी घाटी से जोड़ता है. बर्फबारी के बाद इस रास्ते पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रभावित हो गई है.

सड़क पर फिसलन इतनी बढ़ गई है कि प्रशासन की अनुमति के बिना आगे जाना खतरे से खाली नहीं है. मौसम के करवट लेते ही इलाके के तापमान में भी गिरावट आ गई. ऊंचाई वाले गांवों में ठंड बढ़ गई है. स्थानीय लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं.

प्रशासन की अपील-मौसम साफ होने के बाद करें यात्रा

प्रशासन ने लोगों और पर्यटकों से अपील की है कि जब तक मौसम साफ नहीं होता और सड़क से बर्फ नहीं हटती, तब तक साच पास की ओर यात्रा न करें. बीआरओ और जिला प्रशासन की टीमें रास्ता खोलने में जुटी हैं, लेकिन लगातार हो रही बर्फबारी के कारण काम में दिक्कत आ रही है. अधिकारियों का कहना है कि पांगी जाने वाले लोगों को फिलहाल दूसरे इंतजाम देखने होंगे. रास्ते ठप होने से जरूरी सामान की सप्लाई पर भी असर पड़ सकता है.

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खूबसूरती के साथ खतरा भी

बर्फबारी के बाद साच पास का नजारा बेहद खूबसूरत हो गया है. चारों तरफ पहाड़ों की चोटियां सफेदी से चमक रही हैं. पर्यटकों के लिए यह नजारा जन्नत जैसा है, लेकिन स्थानीय लोगों के लिए मुसीबत है. हर साल अक्टूबर में साच पास का यही हाल होता है. बर्फ गिरती है, रास्ते बंद होते हैं और पांगी का संपर्क बाकी दुनिया से कट जाता है. प्रशासन को उम्मीद है कि अगले 2-3 दिन में मौसम खुलने पर रोड बहाल हो पाएगी.

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