पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में 9 नए जजों की नियुक्ति, अभी भी 30 पद खाली

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में नौ वकीलों को जज नियुक्त किया गया है. सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिशों के बाद यह निर्णय लिया गया है. इससे हाईकोर्ट में जजों की संख्या बढ़कर 55 हो गई है, जबकि कुल स्वीकृत पद 85 हैं. अभी भी कोर्ट में 30 पद खाली है.

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पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में 9 नए जजों की नियुक्ति हुई है. (फाइल फोटो-ITG) पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में 9 नए जजों की नियुक्ति हुई है. (फाइल फोटो-ITG)

संजय शर्मा

  • चंदीगढ़,
  • 20 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 4:22 PM IST

भाजपा की केंद्र सरकार ने एक बहुत ही बड़ा अहम फैसला लिया है. सरकार ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में नौ वकीलों की बतौर जज नियुक्ति को हरी झंडी दे दी है. राष्ट्रपति भवन से इस संबंध में आधिकारिक जानकारी भी पूरी तरह से जारी कर दिया गया है. अदालत में जजों की खाली पड़ी कुर्सियों को भरने और कामकाज को तेज करने के लिए यह कदम उठाया गया है.

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कॉलेजियम की सिफारिशों पर बड़ा फैसला

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम ने कुल दस वकीलों के नामों की सिफारिश की थी. इन सभी नामों पर देश के सर्वोच्च स्तर पर गहन विचार-विमर्श किया गया था. इसके बाद केंद्र सरकार ने उन दस में से नौ नामों को अपनी मंजूरी दे दी है.

सरकार की इस मुहर के बाद अब इन सभी योग्य वकीलों के जज बनने का रास्ता पूरी तरह से साफ हो चुका है.

केंद्र सरकार द्वारा मंजूर किए गए इन नौ नए वकीलों में कई जाने-माने और प्रतिष्ठित चेहरे शामिल हैं. इस लिस्ट में मोनिका छिब्बर शर्मा, हरमीत सिंह देओल और प्रविंदर सिंह चौहान का नाम प्रमुखता से शामिल है. आपको बता दें कि प्रविंदर सिंह चौहान वर्तमान में हरियाणा के महाधिवक्ता पद की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं.

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इसके अलावा इस सूची में राजेश गौर, पूजा चोपड़ा, सुनीश बिंदल और मिंदरजीत यादव को भी शामिल किया गया है. इनके साथ ही दिव्या शर्मा और रविंदर मलिक को भी हाईकोर्ट का नया जज नियुक्त किया गया है. इन सभी अनुभवी वकीलों की नियुक्ति से अदालत का कामकाज और अधिक सुचारू और तेजी से चलने की उम्मीद है.

यह भी पढ़ें: राम रहीम के बाद पंजाब और हरियाणा कोर्ट का एक और बड़ा फैसला, जाट आरक्षण पर जारी रहेगी रोक

इन सभी नौ वकीलों की एक साथ नियुक्ति हो जाने के बाद पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में जजों की कुल संख्या अब बढ़कर पचपन हो गई है. हालांकि, इस कोर्ट में जजों के कुल स्वीकृत पदों की संख्या पचासी है. अभी भी कई पद खाली हैं, जिन पर भविष्य में और नियुक्तियां होने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है. इससे मुकदमों के निपटारे में तेजी आएगी.
 

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