गुरुग्राम में भारी बारिश के बाद हुए जलभराव को लेकर BJP और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है. गुरुग्राम के सांसद और केंद्रीय संस्कृति राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने शहर में जलभराव की समस्या को लेकर मौजूदा इंतजामों को महज ‘कामचलाऊ उपाय’ बताया. वहीं, कांग्रेस ने पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि हजारों करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद गुरुग्राम का इंफ्रास्ट्रक्चर पूरी तरह चरमरा गया है.
राव इंद्रजीत सिंह ने मंगलवार को ANI से बातचीत में कहा, “हम अभी जो कर रहे हैं, वह मूल रूप से बैंड-एड समाधान यानि कामचलाऊ उपाय हैं. इससे कुछ राहत मिलती है, लेकिन अगर हम एक जगह पानी रोकते हैं तो वह दूसरी जगह से निकलने का रास्ता खोज लेता है.”
24 अगस्त को गुरुग्राम में हुई भारी बारिश के बाद शहर के कई हिस्सों में भीषण जलभराव हो गया. सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे के बीच करीब 75 मिमी बारिश दर्ज की गई. कई प्रमुख सड़कों और इलाकों में पानी भरने से यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ.
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कई स्कूल बसें घंटों तक जलभराव में फंसी रहीं. हालात को देखते हुए जिला प्रशासन ने 25 अगस्त को कार्यालयों को वर्क फ्रॉम होम करने की सलाह दी. 24 अगस्त को महज 35 मिनट में करीब 70 मिमी बारिश होने के कारण कई प्रमुख सड़कें और अंडरपास पानी में डूब गए. सुभाष चौक के पास करीब 15 वाहन, जिनमें 9 स्कूल बसें शामिल थीं, फंस गए. इससे 300 से ज्यादा स्कूली बच्चे लगभग दो घंटे तक फंसे रहे.
एक स्कूल वैन भी जलभराव वाली सड़क पर फंस गई. इसमें नर्सरी कक्षा के बच्चे सवार थे. कई घंटों तक फंसे रहने के कारण बच्चे घबरा गए, जिसके बाद उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला गया.
पुराने ड्रेनेज चैनल पर निर्माण को बताया वजह
राव इंद्रजीत सिंह ने गुरुग्राम की लंबे समय से चली आ रही जलभराव की समस्या के लिए पुराने प्राकृतिक जल निकासी मार्गों पर हुए निर्माण को जिम्मेदार बताया. उन्होंने कहा कि कभी ये पारंपरिक नाले आसपास की पहाड़ियों से बारिश का पानी यमुना की ओर ले जाते थे. उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासन के दौर में हुए विकास और निर्माण के परिणाम आज भी भुगतने पड़ रहे हैं.
हालांकि, गौर करने वाली बात यह है कि राव इंद्रजीत सिंह 2009 में पहली बार गुरुग्राम से सांसद चुने गए थे, तब वह कांग्रेस में थे. 2014 में उन्होंने BJP का दामन थामा और इसके बाद BJP के टिकट पर लगातार तीन बार गुरुग्राम लोकसभा सीट जीती. हरियाणा में भी 2014 से BJP सत्ता में है, जब उसने कांग्रेस के 10 साल के शासन का अंत किया था.
‘पुराने नालों के रास्ते बनें अंडरग्राउंड टनल’
राव इंद्रजीत सिंह के मुताबिक गुरुग्राम में जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान पुराने जल निकासी मार्गों को दोबारा सक्रिय करना है. इसके लिए उन्होंने मेट्रो की तरह भूमिगत सुरंगें बनाने का सुझाव दिया.
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उन्होंने कहा कि पुराने नालों के रास्ते भूमिगत सुरंगें बनाकर पानी को उसके प्राकृतिक मार्ग से निकाला जा सकता है. सांसद ने दावा किया कि सरकार इस स्थायी समाधान पर काम कर रही है और प्रस्तावित सुरंगों के निर्माण के लिए आवश्यक धन की व्यवस्था की जा रही है.
गुरुग्राम एक प्राकृतिक बेसिन क्षेत्र में स्थित है. आसपास की अरावली पहाड़ियों से आने वाला वर्षा जल शहर के शहरी इलाकों की ओर बहता है. तेजी से हुए शहरीकरण और पारंपरिक जल निकासी मार्गों पर निर्माण के कारण पानी के बाहर निकलने के रास्ते लगातार कम हुए हैं. यही वजह है कि भारी बारिश के दौरान शहर में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बन जाते हैं.
कांग्रेस का BJP सरकार पर हमला
कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने गुरुग्राम के जलभराव को लेकर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और BJP सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद शहर का इंफ्रास्ट्रक्चर “ढह गया” है.
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सुरजेवाला ने X पर पोस्ट करते हुए कहा कि गुरुग्राम की सड़कें और गलियां पानी में डूबी हैं, लोग करंट की चपेट में आ रहे हैं, जबकि सरकार और प्रशासन गायब हैं और शहर में अराजकता की स्थिति है. उन्होंने दावा किया कि पिछले कुछ वर्षों में गुरुग्राम के इंफ्रास्ट्रक्चर पर करीब ₹1,400 करोड़ खर्च किए गए, इसके बावजूद मानसून में शहर लगातार जलभराव की समस्या से जूझ रहा है.
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