फरीदाबाद में हाई-प्रोफाइल मर्डर केस का आरोपी गिरफ्तार, सिंगापुर से आए शख्स को मारी थी गोली

फरीदाबाद के सेक्टर-21C में धनतेरस की रात मामूली पार्किंग विवाद में एक शख्स की गोली मारकर हत्या करने के आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. आरोप है कि पड़ोस में रहने वाले एक व्यक्ति ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से ताबड़तोड़ 15 से 16 राउंड फायरिंग की. इनमें से 8 से 9 गोलियां परमजीत धनकड़ नाम के शख्स को लगीं, परमजीत की मौके पर ही मौत हो गई. वारदात के बाद आरोपी अपने परिवार के साथ फरार हो गया था.

Advertisement
आरोपी ने करीब 15 से 16 राउंड गोलियां चलाईं, जिनमें से 8 से 9 गोलियां परमजीत को लगीं. (Photo: ITG) आरोपी ने करीब 15 से 16 राउंड गोलियां चलाईं, जिनमें से 8 से 9 गोलियां परमजीत को लगीं. (Photo: ITG)

सचिन गौड़

  • फरीदाबाद,
  • 07 नवंबर 2026,
  • अपडेटेड 9:39 PM IST

फरीदाबाद सेक्टर-21C में धनतेरस की रात पार्किंग में गाड़ी खड़ी करने को लेकर हुए विवाद ने खूनी रूप ले लिया. आरोप है कि पड़ोस में रहने वाले मोहन उर्फ मोनू शर्मा ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से सिंगापुर से कुछ दिन पहले लौटे परमजीत धनखड़ पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी. आरोपी ने करीब 15 से 16 राउंड गोलियां चलाईं, जिनमें से 8 से 9 गोलियां परमजीत को लगीं. गंभीर रूप से घायल परमजीत की मौत हो गई. वारदात के बाद आरोपी अपने परिवार सहित फरार हो गया लेकिन क्राइम ब्रांच सेक्टर 30 की टीम ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है.

Advertisement

गौरतलब है कि परमजीत मूल रूप से हिसार के रहने वाले थे और सेक्टर-21C के मकान नंबर 641 की पहली मंजिल पर पत्नी, बेटे और बेटी के साथ रहते थे.

वह एक बड़ी नेशनल कंपनी में नौकरी करते थे और काम के सिलसिले में सिंगापुर में रह रहे थे. दो दिन पहले ही वह अपने परिवार के पास लौटे थे. 24 नवंबर को उनके भांजे की शादी थी. परिवार में शादी की तैयारियां चल रही थीं, लेकिन इससे पहले ही घर में मातम छा गया.

इस मामले में जानकारी देते हुए सूरजकुंड थाना प्रभारी प्रहलाद ने बताया कि सेक्टर-21C में निवासी परमजीत की तीसरी मंजिल पर रहने वाले मोहन उर्फ मोनू शर्मा से कहासुनी हो गई थी. आरोप है कि विवाद बढ़ने पर मोनू ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल निकाली और परमजीत पर एक के बाद एक गोलियां चला दीं. अचानक हुई फायरिंग से इलाके में अफरा-तफरी मच गई. परमजीत को संभलने तक का मौका नहीं मिला.

Advertisement

इसी दौरान आरोपी अपनी कार से फरार हो गया. वहीं, परमजीत को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी. पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर आरोपी की धरपकड़ के लिए क्राइम ब्रांच की कई टीमें लगाई गई थीं. इसके बाद क्राइम ब्रांच सेक्टर-30 की टीम ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया.

वहीं, मृतक परमजीत के साले और दोस्त के मुताबिक, दोनों परिवारों के बीच पहले भी कई बार कहासुनी हो चुकी थी. करीब पांच दिन पहले भी आरोपी ने परमजीत के बेटे सूर्य के साथ गाली-गलौज की थी. इस दौरान गेट तोड़ने का आरोप भी सामने आया था. बताया जा रहा है कि आरोपी फाइनेंस का काम करता है.

आरोपी ने सुबह हुई कहासुनी के बाद शाम को परमजीत को बात करने के लिए बुलाया और फिर उस पर गोलियां चला दीं. परमजीत के दोस्त के मुताबिक, आरोपी ने पहले चार गोलियां मारीं. जब परमजीत जान बचाकर भागा तो मोहन ने घर से बाहर निकलकर फिर चार गोलियां चलाईं. बताया जा रहा है कि आरोपी ने इस वारदात को सोची-समझी साजिश के तहत अंजाम दिया.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »